Zafar Islam : वो मुस्लिम नेता जो राज्यसभा के रास्ते बीजेपी का चेहरा बने

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नई दिल्ली
आम तौर पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की छवि एक ऐसे पार्टी की रही है जिसमें ज्यादा मुसलमान नेता नहीं हैं। कई बार विपक्ष भी इसे लेकर भगवा दल पर निशाना साधती रही है। पर एक हकीकत यह भी है कि बीजेपी ने कई मुस्लिम नेताओं को राज्यसभा या लोकसभा से संसद भेजा है। नया नाम यूपी से पार्टी के प्रत्याशी जफर इस्लाम (Zafar Islam) हैं। पेशे से बैंकर जफर पार्टी के प्रवक्ता भी हैं और उन्हें कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी में लाने का इनाम राज्यसभा की सदस्यता से मिला है।

जफर इस्लाम (Syed Jafar Islam)
जफर इस्लाम की पीएम नरेंद्र मोदी से अच्छे रिश्ते हैं। मोदी की राजनीति से प्रभावित होकर जफर इस्लाम ने बीजेपी से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। शायद यही वजह है कि मृदुभाषी और बेहद शालीन व्यक्तित्व के धनी जफर इस्लाम को बीजेपी ने केंद्र की राजनीति में मौका दिया है। ऐसे नहीं है कि केवल जफर ही राज्यसभा के रास्ते बीजेपी का चेहरा बने हों पार्टी में ऐसे मुस्लिम नेताओं की बड़ी तादाद है।

सिकंदर बख्त (Sikander Bakht)

एक समय कांग्रेस में रहे इस मुस्लिम नेता को बीजेपी का फाउंडर सदस्य भी कहा जाता रहा है। आपातकाल के दौरान बख्त की पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी से अच्छी दोस्ती हो गई और वो 1980 में बनी बीजेपी में शामिल हो गए। भगवा दल के शुरुआती दौर में बख्त पार्टी के इकलौते मुस्लिम चेहरा थे। 1990 में बख्त मध्य प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे। अटल बिहारी की 13 दिन की सरकार में बख्त विदेश मंत्री भी रहे थे। लंबे समय तक वह पार्टी के प्रमुख मुस्लिम चेहरे रहे।

सिकंदर बख्त का कार्यकाल

सिकंदर बख्त का कार्यकाल

मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar Abbas Naqvi)
पार्टी के मुखर मुस्लिम चेहरों में शुमार नकवी झारखंड से बीजेपी के राज्यसभा सांसद हैं। मोदी के दूसरे कार्यकाल में उनके पास अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय भी है। 1998 में नकवी लोकसभा चुनाव जीतकर लोकसभा भी पहुंचे थे। नकवी लगातार विपक्षी हमलें से पार्टी का बचाव करते रहे हैं।

नजमा हेपतुल्लाह (Najma Heptulla)
कभी कांग्रेस में रहीं मौलाना अबुल कलाम आजाद की नातिन वरिष्ठ नेता नजमा हेपतुल्लाह ने 2004 में बीजेपी का दामन थाम लिया था। पार्टी ने उन्हें निराश नहीं किया और उन्हें राज्यसभा सदस्य भी बनाया। नजमा मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का पदभार भी संभाला। हालांकि 75 साल से ज्यादा उम्र वाले सदस्यों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने के फैसले के बाद उन्होंने 2016 में मोदी सरकार से इस्तीफा दे दिया था। बाद में केंद्र सरकारी की अुशंसा पर उन्हें मणिपुर का राज्यपाल बना दिया था।

एमजे अकबर (MJ Akbar)
एमजे अकबर मध्य प्रदेश से बीजेपी के राज्यसभा सांसद हैं। महिला पत्रकारों के साथ अनुचित व्यवहार और यौन शोषण के आरोपों के कारण अकबर को मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में अपने इस्तीफा देना पड़ा था। उसके पहले तक अकबर पार्टी में काफी सक्रिय थे और विदेश राज्यमंत्री भी रहे थे।

एमजे अकबर

शहनवाज हुसैन (Syed Shahnawaz Hussain)
शहनवाज हुसैन पार्टी के दिग्गज नेता हैं। वह बिहार के भागलपुर और किशनगंज लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं। पिछली बार हुसैन ने लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ा था। वह विभिन्न टीवी चैनलों पर पार्टी का पक्ष मुखरता से रखते हैं। 1999 में हुसैन अटल बिहारी वाजपेयी के सरकार में राज्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री भी रहे।

आरिफ बेग (Arif Beg)
मध्य प्रदेश के रहने वाले आरिफ बेग बीजेपी के कद्दावर नेता थे। 1973 में आरिफ जनसंघ से जुड़े थे। आपातकाल के दौरान वह 19 महीने तक जेल में रहे थे। 1977 लोकसभा चुनाव में जनता पार्टी के टिकट पर बेग ने भोपाल से चुनाव लड़ा था और डॉ. शंकर लाल शर्मा को हराकर एक बड़ी जीत दर्ज की। शर्मा बाद में देश के राष्ट्रपति भी बने। 1989 में बेग बैतूल लोकसभा सीट से बीजेपी के उम्मीद्वार के तौर पर चुनाव लड़े और एक बड़ी जीत दर्ज की। वह मोरारजी देसाई के सकार में वाणिज्य और उद्योग मंत्री भी रहे थे।

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