UP में लापरवाह पुलिसकर्मियों को सजा देने का इस अफसर ने निकाला यह अनोखा तरीका

[ad_1]

UP में लापरवाह पुलिसकर्मियों को सजा देने का इस अफसर ने निकाला यह अनोखा तरीका

इसी मनसुखपुरा थाने में सांप-बिच्छू निकलते हैं.

लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की पोस्टिंग आगरा के एक खास पुलिस स्टेशन (Police Station) में कर दी जाती है. यह ऐसा पुलिस स्टेशन है जहां पुलिस वाले कुर्सी पर बैठकर पैर भी नहीं लटका सकते.

आगरा. किसी थाना इंचार्ज के इलाके में कोई बड़ी लूट या मर्डर (Murder) हो जाए तो इस पुलिस अफसर (Police Officer) को बर्दाश्त नहीं है. गश्त के दौरान सिपाहियों की लापरवाही को भी यह अफसर अनदेखा नहीं करते हैं. यही वजह है कि लापरवाह पुलिसकर्मियों (Policemen) को चुस्त रखने के लिए इस पुलिस अफसर ने एक अनोखा तरीका निकाला है. तरीका यह है कि लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की पोस्टिंग आगरा के एक खास पुलिस स्टेशन (Police Station) में कर दी जाती है. यह ऐसा पुलिस स्टेशन है जहां पुलिस वाले कुर्सी पर बैठकर पैर भी नहीं लटका सकते. वजह है वहां हर वक्त रेंगने वाले सांप (Snake)-बिच्छू (Scorpion).

बीहड़ में शहर से 80 किमी दूर है मनसुखपुरा थाना

कभी इस थाने में बतौर दरोगा तैनात रहे रिटायर्ड डीएसपी वीके कुमार बताते हैं, “बीहड़ के डाकुओं पर नकेल कसने के लिए मनसुखपुरा थाने की स्थापना की गई थी. यह थाना यूपी के आगरा और राजस्थान के राजाखेड़ा के बॉर्डर पर है. डाकू तो अब रहे नहीं, लेकिन बीहड़ और जंगली इलाका होने के चलते इस थाने में सांप और बिच्छू बहुत निकलते हैं. रात की बात तो छोड़िए साहब दिन में भी पुलिस वाले अपराधियों के पीछे भागने की बजाए थाने में रेंगने वाले सांप-बिच्छू पकड़ने में ही लगे रहते हैं.”

ये भी पढ़ें :- UP: दोस्त का मर्डर करने के लिए 3 महीने में 25 बार खिलाई दावत, 26वीं बार बुलाया तो…डराने वाले हैं हिरासत में मौत के आंकड़े, यहां औसतन हर रोज आती हैं 4-5 शिकायतें

सांप-बिच्छू पकड़कर मटके में करते हैं इकट्ठा

मनसुखपुरा थाना में तैनात होमगार्ड से लेकर थाना प्रभारी तक अलर्ट रहते हैं. अगर ज़रा भी सुस्ती दिखाई तो सीधे बिच्छू का डंक झेलना पड़ता है. पुलिस और थाने की हवालात में बंद बदमाशों को काट न लें इसके लिए एक या दो पुलिस के जवान सांप-बिच्छू पकड़ने में लगे रहते हैं. इसके लिए थाने के गेट पर ही एक मटका रखा हुआ है. सांप-बिच्छुओं को पकड़कर मटके में बंद कर देते हैं. बाद में इन्हें चंबल के बीहड़ इलाके में छोड़ने जाना पड़ता है.

बरसात के मौसम में रोज़ाना निकलते हैं औसतन 50 बिच्छू और 8 से 10 सांप

थाने पर मौजूद पुलिसकर्मियों के अनुसार आम दिनों में यहां एक-दो सांप और 5 से 6 बिच्छू निकलते हैं. लेकिन बरसात के मौसम में तो यह हाल हो जाता है कि एक बिच्छू पकड़कर मटके में डाला नहीं कि दूसरा निकल आता है. बिच्छू तो औसतन रोज़ाना 50 से 60 तक निकलते हैं. सांप भी 8 से 10 तक निकलते हैं. यही वजह है कि रात के वक्त ज्यादा चौकस रहना पड़ता है, क्योंकि उस समय बिच्छू या सांप देखना मुश्किल हो जाता है.

हवालात में बंद बदमाशों से कराई जाती है निगरानी

जानकारों के मुताबिक चंबल किनारे की काली मिट्टी है. इसी के चलते बारिश के सीजन में काले बिच्छू और सांप निकलते हैं. काला बिच्छू इतना जहरीला होता है कि उसके काटने पर दो दिन तक इंसान होश में नहीं आता है. शाम होते ही पुलिस के जवान चारपाई पर जूते पहनकर लेट जाते हैं. हवालात में बंद बदमाशों को हिदायत दी जाती है कि वह रात भर जागते रहें, वरना सांप-बिच्छू काट सकते हैं. उनकी मदद के लिए पुलिस वाले सिर्फ एक दीपक जला देते हैं, जिससे उसे दिखाई देता रहे.



[ad_2]

Source link

Tags:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *