UP के स्वास्थ्य विभाग में ‘हाजिरी घोटाला’, तीन महीने नहीं की नौकरी फिर भी मिला वेतन

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UP के स्वास्थ्य विभाग में 'हाजिरी घोटाला', तीन महीने नहीं की नौकरी फिर भी मिला वेतन

विभाग मामले की जांच करेगा.

Fake Attendance Case: मेरठ के सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि इस मामले में एबसेंट की जगह पर प्रेसेंट लिख दिया गया है. पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है. 

मेरठ. उत्तर प्रदेश में मेरठ (Meerut) के भूड़बराल कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (Community Health Center) में करीब तीन महीने से अनुपस्थित डॉक्टर और स्टाफ की हाजिरी (Attendance) फर्ज़ी तरीके से लगवाकर वेतन के लिए आवेदन किया गया. अब इस सनसनीखेज हाजिरी घोटाला सामने आने पर सीएमओ ने भी बड़ी कार्रवाई की. चिकित्सा प्रभारी को तत्काल हटाकर दूसरे स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया. न्यूज 18 से खास बातचीत में मेरठ के सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि इस मामले में एबसेंट पर प्रेसेंट लगाई गई थी. उन्होंने कहा कि दो एसीएमओ से इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है.

जानकारी के मुताबिक, भूड़बराल सीएचसी के डॉक्टर यहां पिछले पांच सालों से सेवाएं दे रहे थे. स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ का कहना है कि अनुपस्थित डॉक्टर और स्टाफ की हाजिरी फर्जी ढंग से यहां भरवाई जा रही थी. सीएमओ डॉ. राजकुमार ने इसे बेहद गंभीर प्रकरण मानते हुए तत्काल भूड़बराल से डॉक्टर को हटाकर रोहटा भेज दिया है. साथ ही इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो एसीएमओ डॉ. कुंवरसेन और डॉ. सुनील कांबोज को नामित कर दिया है. वहीं, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर के डॉक्टर का कहना है कि अनुपस्थितों की हाजिरी लगाकर गलत ढंग से वेतन निकालने का आरोप निराधार है.

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मेरठ में सीरो सर्वेकोरोना से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए सीएमओ डॉक्टर राजकुमार ने बताया कि मेरठ में कोरोना की रोकथाम को लेकर आगामी 28 अक्टूबर से सीरो सर्वे किया जाएगा. उन्होंने बताया कि ये सर्वे चार दिन चलेगा. इस दौरान तकरीबन बीस हजार लोगों का सैंपल लिया जाएगा. सीएमओ ने कहा कि इस दौरान इस बात की रिसर्च होगी कि कोरोना को लेकर कितनी एंटीबॉडीज बनी है.



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