PM Modi Latest Updates: टैक्सपेयर्स पर पीएम मोदी की बड़ी घोषणा, जानें हर अपडेट

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हाइलाइट्स:

  • पीएम मोदी देश के टैक्सपेयर्स के लिए की बड़ी घोषणा
  • पीएम ने ईमानदार टैक्सपेयर्स के लिए तीन बड़ी घोषणाएं कीं
  • पीएम ने फेसलेस स्टेटमेंट, फेसलेस अपील और टैक्सपेयर्स चार्टर का ऐलान किया
  • मोदी ने कहा कि नई व्यवस्था से ईमनादार टैक्सपेयर्स को फायदा होगा

नई दिल्ली
पीएम नरेंद्र मोदी ने आज टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी घोषणा की है। पीएम ने कहा कि नए सिस्टम से ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए जुगाड़ और सिफारिश खत्म होगा। सिस्टम फेसलेस होने के कारण आयकर विभाग का प्रभाव जमाने का चक्कर भी खत्म हो जाएगा। पीएम ने ‘पारदर्शी टैक्स व्यवस्था- ईमानदारों को सम्मान’ (Transparent Taxation – Honoring The Honest) प्लेटफार्म की शुरुआत करते हुए कहा कि नया सिस्टम फेयरनेस और फियरनेस का विश्वास देने वाला है।

फेसलेस स्टेटमेंट, फेसलेस अपील और टैक्सपेयर्स चार्टर की शुरुआत
पीएम ने कहा कि देश में चल रहा आधारभूत बदलाव का सिलसिला आज एक नए पड़ाव पर पहुंचा है। Transparent Taxation – Honoring The Honest 21वीं सदी के टैक्स सिस्टम की इस नई व्यवस्था का आज लोकार्पण किया गया है। इस प्लेटफार्म में फेसलेस स्टेटमेंट, फेसलेस अपील और टैक्सपेयर्स चार्टर की योजना है। फेसलेस स्टेटमेंट और टैक्सपेयर्स की सुविधा आज से ही शुरू हो गई है। फेसलेस अपील की सुविधा 25 सितंबर से पूरे देश में नागरिकों के लिए उपलब्ध हो जाएगी। अब टैक्स सिस्टम भले ही फेसलेस हो रहा है। लेकिन टैक्सपेयर्स को फेयरनेस का विश्वास दिलाने वाला है।

पीएम मोदी ने किया Faceless Tax System का ऐलान, सुनें पूरा भाषण

सीमलेस, पेनलेस और फेसलेस हो टैक्स
पीएम ने कहा कि देश में टैक्स को भी कम किया गया है। 5 लाख आय पर टैक्स जीरो है। बाकी स्लैब पर भी टैक्स कम हुआ है। कॉरपोरेट टैक्स के मामले में हम दुनिया में सबसे कम टैक्स लेने वाले हैं। सीमलेस, पेनलेस और फेसलेस हो टैक्स सरकार इसकी कोशिश में लगी हुई है। आज से लागू होने वाले ये सुधार इसी सोच को आगे बढ़ाने वाले हैं।

प्रभाव और दबाव का मौका जीरो
मोदी ने कहा कि नई व्यवस्था से प्रभाव और दबाव का मौका जीरो हो गया है। आयकर विभाग को इससे लाभ होगा कि अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचेंगे। ट्रांसफर, पोस्टिंग में लगने वाली अनावश्यक ऊर्जा नहीं लगेगी। इस अहम सुधार के साथ-साथ आज भारत एक अहम कदम उठा रहा है। टैक्सपेयर्स चार्टर।

करदाता और इनकम टैक्स दफ्तर को जान पहचान बनाने का। प्रभाव और दवाब का मौका अब जीरो हो गया है। सब अपने अपने दायित्व के हिसाब से काम करेंगे। विभाग को इससे लाभ यह होगा कि अनावश्यक मुकदमेबाजी खत्म होगी। ट्रांसफर-पोस्टिंग वाली गैरजरूरी ऊर्जा से भी राहत मिलेगी। इससे टैक्स के जुड़े मामलों की जांच के साथ-सात अपील भी फेसलेस होगी।

मोदी ने बताया क्या फायदा होगा


जानें, क्या है टैक्सपेयर्स चार्टर

मोदी ने कहा कि टैक्सपेयर्स चार्टर भी देश की विकास यात्रा में बहुत बड़ा कदम है। टैक्सपेयर्स के लिए अधिकार और कर्तव्य दोनों ही संतुलित करने का बहुत अहम कदम है। टैक्सपेयर्स को इस स्तर का सम्मान और सुरक्षा देने वाले दुनिया में गिने-चुने देश हैं। अब भारत भी इस अहम कदम को लाकर उसमें शामिल हो गया है। टैक्सपेयर्स को उचित, विनम्र और तर्कसंगत व्यवहार का भरोसा दिया गया है। आयकर विभाग को अब टैक्सपेयर्स की इज्जत का संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखना होगा। टैक्सपेयर्स की बातों पर विश्वास करना होगा। विभाग को अगर किसी प्रकार का संदेह है भी तो टैक्सपेयर्स को अपील और समीक्षा का अधिकार भी दिया गया है। पीएम ने कहा कि अधिकार हमेशा कर्तव्यों के साथ आते हैं। टैक्सपेयर्स से अपेक्षाएं भी हैं। टैक्सपेयर्स को टैक्स इसलिए देना है क्योंकि उसी से सिस्टम चलता है। देश की एक बड़ी आबादी के प्रति देश अपना फर्ज निभा सकता है और उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम भी रख सकता है। इसी टैक्स से टैक्सपेयर्स को खुद की प्रगति के लिए बेहतर सुविधाएं मिलता है। सरकार का यह दायित्व है कि वह टैक्सपेयर्स की पाई-पाई का उपयोग करे।

6 साल में हमारा फोक्स मिनिमम गवर्नमेंट पर
पीएम ने साथ ही अपने 6 साल का लेखा जोखा भी दिया। उन्होंने कहा कि बीते 6 वर्ष में हमारा फोकस रहा है, आज एक तरह से एक नई यात्रा शुरू हो रही है। ईमानदार का सम्मान। देश का ईमानदार टैक्सपेयर्स राष्ट्रनिर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। जब टैक्सपेयर्स का जीवन आसान बनता है, वह आगे बढ़ता है तो देश भी आगे बढ़ता है। आज से शुरू हो रही नई व्यवस्थाएं मिनिमम गर्वनेंट और मैक्सिम गर्वनेंस की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। देशवासियों के जीवन से सरकार के दखल को कम करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।

लोगों की ईमानदारी पर पूरा विश्वास
-लोगों पर आधारित और उनके जरूरत के हिसाब से नियम बनाए जा रहे हैं। इसके सुखद परिणाम भी देश को मिल रहे हैं। आज हर किसी को यह अहसास हुआ है कि शार्टकार्ट ठीक नहीं है। गलत तौर तरीके अपनाना सही नहीं है। वो दौर अब पीछे चला गया है। अब देश में माहौल इस ओर आगे बढ़ रहा है कि कर्तव्य भाव को सर्वोपरि रखते हुए सारे काम होने चाहिए। सवाल ये है कि ये बदलाव आखिर कैसे आ रहा है। क्या ये सिर्फ सख्ती से आया है, क्या सजा देने से आया है। जी नहीं, बिल्कुल नहीं। मोटे तौपर कहूं तो चार बड़े कारण है। पालिसी ड्रिवन सरकार- नीति जब स्पष्ट होती है तो ग्रे एरिया कम हो जाते हैं। दूसरा, सामान्य जन की ईमानदारी पर विश्वास, तीसरा-सरकारी सिस्टम में मानव के काम को कम करके तकनीक का बड़ा इस्तेमाल और चौथा- हमारी सरकारी मशीनरी ब्यूरोक्रसी में काम करने वाले लोगों को को पुरस्कृत किया जा रहा है।

आज एक तरह से एक नई यात्रा शुरू हो रही है। ईमानदार का सम्मान। देश का ईमानदार टैक्सपेयर्स राष्ट्रनिर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। जब टैक्सपेयर्स का जीवन आसान बनता है, वह आगे बढ़ता है तो देश भी आगे बढ़ता है।

पीएम मोदी

सुधार का मतलब, सतत प्रकिया
उन्होंने कहा कि सोच और एप्रोच दोनों बदल गई है। हमारे लिए सुधार का मतलब है, यह नीति आधारित हो, टुकड़ों में नहीं हो और एक सुधार दूसरे का आधार बने। ऐसा नहीं है कि एक बार सुधार करके रुक गए। यह सतत चलने वाली प्रक्रिया है। बीते कुछ वर्षों में देश में 1500 से ज्यादा कानूनों को समाप्त किया गया है। ईज आफ डूइंग में भारत कुछ साल पहले 134वें नंबर पर था। आज भारत की रैंकिंग 63 है। इसके पीछे सुधार है।

कोरोना काल में भी विदेशी निवेशकों का बड़ा भरोसा
प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेशी निवेशकों का विश्वास भी भारत पर बढ़ रहा है। कोरोना संकट के दौरान भी भारत में बड़े पैमाने पर FDI का आना इसका सबूत है। सुधार की इसलिए जरूरत थी क्योंकि हमारा सिस्टम गुलामी के कालखंड में बना। आजादी के बाद थोड़े बदलाव किए गए लेकिन उसका चाल-चलन नहीं बदला। परिणाम ये हुआ है कि जो टैक्सपेयर्स राष्ट्र के लिए बड़े पिलर थे उसे ही कटघरे में खड़ा किया जाने लगा। आयकर का नोटिस फरमान की तरह बन गया। देश के साथ छल करने वाले कुछ मुट्ठी भर लोगों को पहचान के लिए बहुत लोगों को अनावश्यक परेशानी से गुजरना पड़ा। इस विसंगति के बीच ब्लैक और वाइट का उद्योग भी फलता-फूलता गया। इस व्यवस्था ने ईमानदारी से व्यापार करने वालों को और देश की युवा शक्ति की आकांक्षाओं को प्रोत्साहित करने के बजाय कुचलने का काम किया।

मोदी

कम कानून और साफ कानून
उन्होंने कहा कि कम से कम कानून हो और जो कानून हो वह बहुत साफ हो। इससे टैक्सपेयरर्स भी खुश होता है। बीते कुछ साल से ऐसे कदम उठाए जा रहा है। जीएसटी आया, रिटर्न व्यवस्था को आनलाइन किया गया। बेवजह के दस्तावेज जुटाने को मुक्ति मिल गई है। अब हाई कोर्ट में 1 करोड़ रुपये तक के और सुप्रीम कोर्ट में 2 करोड़ रुपये तक के केस की सीमा तय की गई है। विवाद से विश्वास जैसी योजना में कोशिश ये है कि ज्यादातर मामले कोर्ट से बाहर ही सुलझ जाएं। बहुत कम समय में ही करीब 3 लाख मामलों की सुलझाया जा चुका है।

कम टैक्सपेयर्स पर जताई चिंता
पीएम ने कहा कि पिछले कुछ सालों में आयकर भरने वालों की संख्या में ढाई करोड़ की वृद्धि हुई है। लेकिन 130 करोड़ लोगों में से बहुत कम लोग ही टैक्स दे रहे हैं। मैं देश को इसपर चिंतन करना होगा। ये जिम्मेदारी सिर्फ टैक्स विभाग की नहीं है। यह जिम्मेदारी हर भारतीय की है। जो टैक्स देने में सक्षम है लेकिन अभी वो टैक्स नेट में नहीं है वह अपनी आत्मा से पूछकर टैक्स दें।

वित्त मंत्री बोलीं, ईमानदार टैक्सपेयर्स को पुरस्कार देना सरकार का काम

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम का मिशन ईमानदार टैक्सपेयर्स को पुरस्कार देना है। इससे चीजों में पारदर्शिता आएंगी। आयकर विभाग और टैक्सपेयर्स में तालमेल होगा। पिछले साल कारपोरेट टैक्स 30 से 20 फीसदी किया गया था। आयकर विभाग ने कई सारे टैक्स सुधार लागू किए हैं। करदाताओं को सम्मान देना पीएम की इच्छा।

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