Jammu and kashmir news: बीजेपी का ‘मिशन कश्मीर’, बड़े नेताओं को जोड़ने में लगी पार्टी

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हाइलाइट्स:

  • बीजेपी इस समय मिशन कश्मीर पर काम कर रही है
  • कश्मीर में राम माधव ने दो दिनों में कश्मीर के कई नेताओं से मुलाकात की है
  • बीजेपी के नेताओं की सुरक्षा के अलावा मौजूदा राजनीति पर भी चर्चा की गई है
  • कश्मीर के कई बड़े नेताओं के संर्पक में रहकर पूरे प्लान पर काम किया जा रहा है

गोविंद चौहान, श्रीनगर
बीजेपी इस समय मिशन कश्मीर पर काम कर रही है। कश्मीर के राजनीतिक हालात को ठीक करने के लिए बीजेपी कश्मीर पर ज्यादा ध्यान दे रही है। राम माधव दो दिनों के दौरे पर कश्मीर में आ गए। कश्मीर में राम माधव ने दो दिनों में कश्मीर के कई नेताओं से मुलाकात की है। इसके अलावा कश्मीर में बीजेपी के नेताओं के साथ बैठके करके अगली रणनीति बनाई गई है। लेकिन राम माधव की पीडीपी के बडे कद के नेता मुजफर हुसैन बैग तथा पूर्व नौकरशाह शाह फैजल तथा अपनी पार्टी के नेताओं से मुलाकात को अहम माना जा रहा है। जिससे कयास लगाया जा रहा है कि अगले कुछ समय में प्रदेश की राजनीति में बडे बदलाव हो सकते है। बीजेपी इस समय कश्मीर के बड़े नेताओं को अपनी तरफ करने में लगी हुई है।

जानकारी के अनुसार राम माधव गुरुवार को श्रीनगर में पहुंचे थे। उनका दौरा पहले प्रस्तावित नहीं था। एक दिन पहले ही उनके दौरे के बारे में जानकारी दी गई थी। जिसके बाद जम्मू से अशोक कौल दो बड़े नेताओं के साथ श्रीनगर पहुंचे। श्रीनगर में दो दिनों में माधव ने मुजफर हुसैन बैग, शाह फैजल, अपनी पार्टी के गुलाम हसन मीर, उस्मान मजीद समेत कई नेताओं से मुलाकात की है। यह सभी कश्मीर के बड़े नेता है। उनसे मुलाकात को लेकर कयास लगाया जा रहा है कि बीजेपी ने उन्हें अपने पाले में डालने के लिए लगी हुई है। इसके बाद माधव ने उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से भी मुलाकात की है। जिसमें बीजेपी के नेताओं की सुरक्षा के अलावा मौजूदा राजनीति पर भी चर्चा की गई है।

बड़े सियासी नेताओं की जुगत में बीजेपी
बीजेपी लगातार कश्मीर के बड़े नेताओं के संर्पक में बनी हुई है। पहले अपनी पार्टी के नेताओं को दिल्ली में बुलाकर बैठक करवाई गई। जिसके बाद बाते बाहर आई कि एडवाइजरी काउसिंल का गठन किया जाना है। जिसमें अपनी पार्टी के नेताओं को जगह दी जाएगी। उसके बाद चर्चा है कि प्रदेश में विधानसभा की सीटों को बढ़ाया जाना है। उप राज्यपाल के सलाहकार लगाए जाने है। इन तमाम बातों के बीच बीजेपी के दिल्ली के नेता लगातार कश्मीर के नेताओं के संर्पक में बने हुए है। ऐसे में सियासी हालात कहते है कि बीजेपी कश्मीर के बड़े कद के नेताओं को लेकर कोई बड़े प्लान पर काम कर रही है। जिससे की प्रदेश में आने वाले दिनों में बीजेपी की सरकार बनाई जा सके। कश्मीर में बीजेपी को पिछले विधानसभा चुनावों में एक भी सीट नहीं मिली थी। जबकि जम्मू में बीजेपी ने 25 सीटे प्राप्त की थी। ऐसे में बीजेपी कश्मीर के नेताओं को इसलिए साथ मिलाकर काम कर रही है। ताकि कश्मीर में बड़े नेताओं को अपने साथ मिलाकर सरकार बना सके। इसलिए कश्मीर के कई बड़े नेताओं के संर्पक में रहकर पूरे प्लान पर काम किया जा रहा है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष को देंगे पूरी रिपोर्ट
बीजेपी के सूत्रों का कहना है कि गुपकार घोषणा के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की तरफ से राम माधव को श्रीनगर के दौरे पर भेजा गया था। जिसकी पूरी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी जानी है। ताकि कश्मीर को लेकर कोई बडा फैसला लिया जा सके।

क्या है प्रदेश के मौजूदा हालात
प्रदेश में सरकार टूटने के बाद वर्ष 2018 में राज्यपाल शासन लागू हुआ था। उस समय भाजपा ने पीडीपी से अपना दामन तोड दिया था। उसके बाद से ही प्रदेश में राज्यपाल शासन लगा हुआ है। इस बीच प्रदेश से धारा 370 को हटा लिया गया। जिससे की सियासी माहौल खराब हुआ। कश्मीर के दर्जनों नेताओं को नजरबंद किया गया। जिन्हें बाद में रिहा किया गया। कुछ दिन पहले पूर्व सीएम डाक्टर फारूक अब्दुल्ला की तरफ से अपने गुपकार निवास पर एक बैठक बुलाई गई थी। जिसमें कश्मीर के अलग अलग राजनीतिक दलों के तमाम बडे नेताओं को बुलाया गया। इस बैठक में धार 370 की फिर से बहाली को लेकर चर्चा हुई। जिसके बाद केन्द्र सरकार के खिलाफ एक जुट होकर काम करने का प्लान तैयार किया गया। दूसरी तरफ प्रदेश भाजपा की तरफ से भी राज्य दर्जे की बहाली के लिए राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया गया है।

पार्टी के अंदरूनी हालात से नाराज है बैग
मुजफर हुसैन बैग काफी समय से पार्टी में चुप हैं। उन्हें पार्टी के मामलों में बोलने नहीं दिया जा रहा है। वह इस समय पार्टी के अंदरूनी हालात से परेशान है। क्योंकि पार्टी में उनके रोल को अहम नहीं माना जा रहा है। वह पीडीपी तथा कश्मीर में बड़े कद के नेता माने जाते है। पूर्व डिप्टी सीएम तथा सांसद रह चुके है। पिछले साल अक्टूबर माह में उन्होंने दिल्ली में एमईपी से मुलाकात की थी। जिसके बाद पीडीपी में उनके खिलाफ आवाज उठी थी।

शाह फैजल राजनीति से किनारा कर गए
शाह फैजल राजनीति से किनारा कर चुके है। आईएएस ने नौकरी को छोड कर अपनी पार्टी का गठन किया था। जिसके बाद वह प्रदेश के सियासी माहौल में कूद गए थे। लेकिन कुछ दिन पहले उन्होंने अपनी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्हें लेकर कई प्रकार की चर्चा बाहर आई। जिसमें कहा गया कि वह नौकरी में वापस जाने वाले है। इसके अलावा कहा गया कि वह उप राज्यपाल के सलाहकार बनाए जा सकते है। लेकिन अभी तक अधिकारिक तौर पर ऐसी कोई बात बाहर नहीं आई है।

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