India-China Standoff: ये हैं वो चीन के कमांडर, जिसके दिमाग से काम कर रही है चीनी सेना

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Edited By Vineet Tripathi | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

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हाइलाइट्स

  • भारत और चीन के बीच अभी तक गतिरोध शांत नहीं हुआ
  • दोनों के बीच कूटनीतिक और सैन्य स्तर की कई बार बातचीत हुई
  • ये वो पांच कमांडर हैं जो चीनी सेना के दिमाग बने हुए हैं

नई दिल्ली

भारत और चीन (India China Faceoff) के बीच पांच मई के बाद से ही गतिरोध चल रहा है। चीन बार-बार भारत की तरफ बढ़ने की हिमाकत करता है लेकिन हिंदुस्तान की फौज उसके हर मंसूबे पर पानी फेर देती है। अब चीन की स्थिति ऐसी हो गई है जैसे ‘खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे’। दोनों देशों के बीच कई बार कूटनीतिक और सैन्य स्तर की बैठक हो चुकी हैं लेकिन चीन बार-बार वादा खिलाफी पर उतारू रहता हैं। आखिरकार चीन चाहता क्या है और उसकी सेना के पीछे कौन से ऐसे मास्टरमाइंड काम कर रहे हैं जिससे वो ऐसी हरकतें कर रहा है।

चीन की चाल के पीछे ये कमांडर

India China Faceoff चीन सेना के कुछ कमांडरों का जिक्र हम आपके सामने कर रहे हैं। चीन के यही कमांडर चीन की पूरी चाल को कामयाब बनाने के हर रोज नए नए पैंतरे गढ़ रहे हैं। चीन की पूरी सेना इन्हीं कमांडरों के इशारे पर काम कर रही है। Line Of Actual Control के पास चीन बार-बार उकसावे वाली हरकतें कर रहा है। वो हर बार बैठक में अपनी सीमा पर जाने की बात करता है लेकिन सुबह होते ही वो सारे समझौतों को नकार देता है।

डटी हुई हैं दोनों सेना

भारतीय सेना और पीएलए (People Libration Army) दोनों आमने-सामने डटी हुई हैं। इससे पहले इतना लंबा गतिरोध तब हुआ था जब 2017 में डोकलाम में चीन की सेना ने भारत में घुसने की कोशिश की थी। दोनों के बीच 73 दिन का गतिरोध चला था। उस वक्त चीन की सेना का नेतृत्व कर रहा था 65 साल का जनरल झाओ ज़ोंगकी। इस बार भी यही जनरल सरहद पर चीनी सेना का मार्गदर्शक बना हुआ है।

1- जनरल झाओ झोंगकी (General Zhao Zhongqi), वेस्टर्न थियेटर कमांड

चीनी जनरल झाओ झोंगकी को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का बेहद करीबी माना जाता है। इसे शी जिनपिंग की ”आंख और कान” तक कहा जाता है। ये वही जनरल झाओ ज़ोंगकी हैं जो वियतनाम युद्ध में मिट्टी खा चुके हैं तो 2017 के डोकलाम विवाद में भी इन पर घड़ों पानी पड़ गया था। 65 साल के झाओ झोंगकी को PLA में वेस्टर्न थिएटर का कमांडर 2016 में बनाया गया। बिन काउंटी हीलोंगियांग प्रांत में पैदा हुए इस चीनी कमांडर को चेंग्दू के 118 रेजिमेंट की कमान सौंपी गई। वह 1979 में वियतनाम-चीन युद्ध के दौरान टोही यूनिट का हिस्सा था और पीएलए के लिए विशेष अभियान और उच्च मूल्य टोही मिशन का उसने संचालन किया। जनरल झाओ ने 1988 में तिब्बत सैन्य जिले में 52 माउंटेन ब्रिगेड कमांडर बनने से पहले तंजानिया में एक सैन्य सलाहकार के रूप में काम किया। 2004 में कमांडर बनने से पहले 14 ग्रुप आर्मी के खुफिया विभाग के प्रमुख के रूप में उसे हाई प्रोफ़ाइल पोस्टिंग मिली। 2009 में लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में प्रमोशन मिला. झाओ 2015 में जिनान सैन्य जिले का कमांडर बन गया और फिर 2016 में पूरी तरह से रैंक के साथ वेस्टर्न थियेटर कमांडर बना दिया गया।

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2- लेफ्टिनेंट जनरल हैजियांग वांग (Lt Gen Haijiang Wang), कमांडर, तिब्बत सैन्य जिला

57 साल की हैजिआंग को 10 दिसंबर 2019 से अत्यधिक संवेदनशील तिब्बत का सैन्य बॉस नामित किया गया था। वह 1977 में सेना में शामिल हुआ था और उसे वियतनाम-चीन युद्ध में प्रथम श्रेणी मेरिट से सम्मानित किया गया था जिसमें चीन हारने की स्थिति में था। इस डिप्टी कमांडर साउथ शिनजियांग मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट सहित कई पदों पर अपनी सेवाएं दी। जोकि अक्साई चिन के कब्जे के लिए जिम्मेदार है। वो लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में पदोन्नत होने के बाद कमांडर के रूप में कमान संभालने से पहले 2016 में तिब्बत सैन्य जिले के डिप्टी कमांडर था। यह गश्त और टोही मिशन का विशेषज्ञ माना जाता है।

3- लेफ्टिनेंट जनरल जू क्विलिंग, कमांडर पीएलए ग्राउंड फोर्स, वेस्टर्न थिएटर कमांड

57 साल का जनरल जू क्विलिंग चीन के हेनान में जन्मा था। ये कमांडर चीन के कब्जे वाले अक्साई चिन क्षेत्र में टैंक और बड़ी तोपें तैनात करने के लिए जिम्मेदार है। PLA ग्राउंड फोर्स में न केवल आर्टिलरी बल्कि एयर-डिफेंस बैट्रीज और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के साथ-साथ लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों का जिम्मा भी इसी पर है। 2017 में उत्तरी थिएटर कमान में शेनयांग में लिओनिंग 79 ग्रुप आर्मी के कमांडर के रूप में पदभार संभालने से पहले जू हेनान स्थित 83 ग्रुप आर्मी का कमांडर था। वह 2018 में पीएलए ग्राउंड फोर्स, पूर्वी थिएटर कमांड का कमांडर था और उसे प्रमोशन मिला था। वह मौजूदा गतिरोध के लिए मारक क्षमता और रसद लाता है। इसके पास इन सब क्षेत्रों में काम करने का तगड़ा अनुभव है। इसको वेस्टर्न कमांड का जनरल बनाया गया था।

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4- लेफ्टिनेंट जनरल वांग क़ियांग (Lt Gen Wang Qiang), कमांडर पीएलए वायु सेना पश्चिमी थिएटर कमान

लेफ्टिनेंट जनरल वांग क़ियांग हवाई युद्ध का जानकार है। वांग चार लड़ाकू डिवीजनों, एक परिवहन डिवीजन और एक बॉम्बर डिवीजन के साथ पीएलए को हवाई सहायता प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है। उसने वेस्टर्न थिएटर कमांड में काम किया है। हाई प्रोफाइल कमांड असाइमेंट की जिम्मेदारी भी उसके पास है। उसे दिसंबर 2019 में पश्चिमी थिएटर में पीएलए वायु सेना के कमांडर के रूप में नियुक्त किया गया था। वांग को उसकी कार्य कुशलता के लिए ही पश्चिमी थिएटर कमांड की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

5- मेजर जनरल लियू लिन (Major General Liu Lin), कमांडर, दक्षिण शिनजियांग सैन्य जिला

मेजर जनरल लियू, 57, को XIV कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह के साथ भारत में प्रमुख चीनी वार्ताकार के रूप में जाना जाता है। मोल्डो और चुशुल में मैराथन बैठकों के माध्यम से डी-एस्केलेशन वार्ता भी शामिल है। एक आर्टिलरीमैन, जनरल लियू ने 2017 में ज़्यूरि सैन्य परेड में भाग लिया, जो स्व-चालित आर्टिलरी टीम के नेता थे। लिन 2015 में प्रमुख जनरल और वर्तमान गठन के उप कमांडर के रूप में पदोन्नत होने से पहले 8 झिंजियांग सैन्य डिवीजन के कमांडर थे। ये वही सेना है जिसका सामना भारतीय सेना ने कुगरांग नदी, गोगरा और पैंगोंग त्सो पर किया था। भारतीय सेना के सामने ये कमांड कहीं नहीं टिक सकी और वापस लौटना पड़ा। उन्होंने 2019 में अपने चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में कार्य करने के बाद सैन्य जिले की कमान संभाली।

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