Independence Day 2020: वाराणसी में कोरोना योद्धा को कमिश्नर ने दिया सम्मान, संविदा नर्स अनुराधा ने फहराया तिरंगा

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Independence Day 2020: वाराणसी में कोरोना योद्धा को कमिश्नर ने दिया सम्मान, संविदा नर्स अनुराधा ने फहराया तिरंगा

वाराणसी में कोरोना वॉरियर संविदा नर्स ने फहराया तिरंगा

वाराणसी (Varanasi) के पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल में संविदा नर्स के पद पर तैनात अनुराधा राय का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि कमिश्नर ऑफिस में वह एक दिन स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ध्वजारोहण करेंगी.

वाराणसी. कोरोना (COVID-19) काल में जिस तरीके से डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने जान-जोखिम मे डालकर अपनी ड्यूटी का फर्ज निभाया है, उस पर पूरे देश को गर्व है. ताली, थाली बजाकर, आसमान से ऐसे योद्धाओं पर फूल बरसाकर उनका धन्यवाद भी दिया गया. अब उनके सम्मान में एक और अध्याय जुड़ गया है. वो सम्मान है स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) के मौके पर झंडा फहराने का. जी हां, इस बार वाराणसी कमिश्नर कंपाउंड में तिरंगा कमिश्नर नहीं बल्कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल में काम करने वाली संविदा नर्स अनुराधा राय ने फहराया.

कमिश्नर की सरकारी गाड़ी पहुंची रिसीव करने

स्वतंत्रता दिवस पर सुबह सीनियर आईएएस के प्रोटोकाल के तहत कमिश्नर दीपक अग्रवाल की सरकारी गाड़ी और पूरी फ्लीट 15 अगस्त को अनुराधा राय के घर गई और घर से पूरे सम्मान के साथ उन्हें लेकर कमिश्नर कपाउंट पहुंची. यहां अनुराधा ने राष्ट्रगान की धुन के साथ झंडारोहण किया.

मदर टेरेसा काे मानती हैं आदर्शमदर टेरेसा को अपना आदर्श मानने वाली अनुराधा राय ने कोरोना काल में मरीजों की सेवा कर अलग पहचान बनाई है. अनुराधा मूल रूप से आजमगढ़ जिले की रहने वाली हैं. वैसे वाराणसी में ये पहली बार नहीं हुआ है. पिछली बार सफाई कर्मचारी चंदा को मुख्य अतिथि बनकर झंडा फहराने का गौरव हासिल हुआ था. यूं तो अनुराधा पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल में संविदा नर्स हैं लेकिन सेवा का जज्बा बड़े पदों पर बैठे लोगों के लिए भी नजीर है.

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मदर टेरेसा को अपना आदर्श मानने वाली अनुराधा राय ने कोरोना काल में मरीजों की सेवा कर अलग पहचान बनाई है.

हौसले से काेरोना को दे सकते हैं मात: अनुराधा

अनुराधा कभी कोरोना जैसी बीमारी से डरी नहीं बल्कि हंसते-मुस्कराते हुए मरीजों की सेवा की और इसे वो अपना बेहतर भाग्य मानती हैं. उनका कहना है कि डरकर नहीं बल्कि मजबूती और हौसले के साथ लड़कर ही कोरोना को हराया जा सकता है. अनुराधा ने कभी सोचा नहीं था कि जिले के सबसे बड़े अफसर के दफ्तर में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झंडा फहराने का सम्मान उन्हें मिलेगा.



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