Corona Crisis: सुप्रीम कोर्ट में दो हफ्ते में शुरू हो सकती है केस की फिजिकल हियरिंग, सात जजों की समिति ने की सिफारिश

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Coronavirus Crisis: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के सात जजों की समिति ने पूरे मामले को लेकर वरिष्ठ मेडिकल एक्सपर्ट्स से सलाह ली। साथ ही बार काउंसिल के नेताओं से भी इस बारे में बातचीत की गई। इसके बाद कोर्ट की फिजिकल हियरिंग की सिफारिश की गई है।

Edited By Ruchir Shukla | टाइम्स न्यूज नेटवर्क | Updated:

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हाइलाइट्स

  • सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअल कोर्ट के साथ ट्रायल बेसिस पर फिजिकल सुनवाई का फैसला
  • दो हफ्ते में SC में हो सकती है फिजिकल सुनवाई, सात जजों की समिति ने की सिफारिश
  • वरिष्ठ मेडिकल एक्सपर्ट्स से सलाह और बार काउंसिल के नेताओं से बातचीत के बाद फैसला
  • फिजिकल हियरिंग में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश

नई दिल्ली

कोरोना संकट (Coronavirus Pandemic) के मद्देनजर पिछले करीब पांच महीने से कोर्ट में फिजिकल सुनवाई नहीं हो रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के चलते लाखों की संख्या में वकीलों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के सात जजों की समिति ने अहम फैसला लेते हुए केस की नियमित शारीरिक सुनवाई (Physical Hearing in Court) की सिफारिश की है। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअल कोर्ट के साथ-साथ ट्रायल बेसिस पर फिजिकल सुनवाई का फैसला लिया गया है। दो हफ्ते में सर्वोच्च अदालत में फिजिकल सुनवाई शुरू हो सकती है।

वर्चुअल के साथ कोर्ट में फिर से फिजिकल हियरिंग

सुप्रीम कोर्ट के सात जजों की समिति, जिसमें जस्टिस एनवी रमना, अरुण मिश्रा, आरएफ नरीमन, यूयू ललित, एएम खानविलकर, डीवाई चंद्रचूड़ और एल नागेश्वर राव शामिल हैं, उन्होंने पूरे मामले को लेकर वरिष्ठ मेडिकल एक्सपर्ट्स से सलाह ली। साथ ही बार काउंसिल के नेताओं मनन कुमार मिश्रा, दुष्यंत दवे और एस जाधव से भी इस बारे में बातचीत की गई। इसके बाद कोर्ट की फिजिकल हियरिंग की सिफारिश की गई है। जानकारी के मुताबिक, एक हाइब्रिड प्रणाली जिसमें लंबे समय से लंबित केस की भौतिक सुनवाई के लिए जरूरी सावधानी के साथ तीन कोर्ट खोलने का फैसला लिया गया है। इसके साथ-साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नए मामलों को सुनवाई जारी रहेगी।

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कोरोना संकट: 5 महीने से नहीं हो रही फिजिकल हियरिंग

सुप्रीम कोर्ट और बार निकायों से जुड़े के सूत्रों ने कहा कि मेडिकल एक्सपर्ट फिजिकल हियरिंग की तत्काल बहाली को लेकर कुछ उलझन में थे और उन्होंने इसको लेकर आगाह भी किया। सूत्रों ने कहा कि उन्होंने जजों को धीरे-धीरे ये ऐसा कदम उठाने की सलाह दी। ऐसा इसलिए क्योंकि इन हालात में कोरोना वायरस के मामले में बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि सुनवाई को लेकर लोगों को कोर्ट आना होगा। साथ ही प्रवासी श्रमिक भी शहरों में अपने काम पर लौटने की कोशिश करेंगे। जिससे कोरोना के मामले बढ़ सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट में पूरे भारत से याचिकाएं आती हैं, इनमें से महाराष्ट्र समेत दक्षिणी राज्य भी है, जहां कोरोना महामारी अभी भी एक बड़ी चिंता बनी हुई है।

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मेडिकल एक्सपर्ट्स से बात करने के बाद लिया फैसला

मेडिकल एक्सपर्ट ने यह भी कहा कि अधिकांश जज 60 से अधिक उम्र के हैं इसलिए अदालतों में शारीरिक सुनवाई को फिर से शुरू करने के लिए जल्दबाजी करना बेमानी होगा। लेकिन दवे और जाधव ने अगले सप्ताह तक शारीरिक सुनवाई को फिर से शुरू करने पर जोर दिया, हालांकि मिश्रा ने समिति को बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मामलों की शारीरिक सुनवाई की धीमी और धीरे-धीरे बहाली के लिए कम जोखिम वाला दृष्टिकोण लेना बेहतर होगा।

फिजिकल हियरिंग कब से, सीजेआई लेंगे फैसला

सभी संबंधितों के विचारों को ध्यान में रखने के बाद, सात जजों की समिति ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे को अपनी सिफारिश सौंप दी। इसमें कहा गया कि तीन कोर्ट रूम में फिजिकल हियरिंग को सीमित किया जाए। केवल लंबे समय से चल रहे पुराने मामलों में सुनवाई की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि, एक समय में सीमित संख्या में वकील कोर्ट में उपस्थित हों, इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का भी कड़ाई से पालन किया जाए। समिति ने कहा कि सीजेआई दो हफ्ते के बाद फिजिकल हियरिंग को लेकर सुनवाई की तारीख तय कर सकते हैं।

Web Title supreme court committee seven judges recommends physical hearing cases will resume in 2 weeks(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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