Corona cases in India : भारत में कब आएगा कोविड-19 का पीक टाइम?

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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के विश्लेषण बताते हैं कि उत्साहजनक रिकवरी रेट से उम्मीद जग रही है कि देश में कोरोना कोविड-19 महामारी जल्द ही सर्वोच्च स्तर को छू सकती है जिसके बाद धीरे-धीरे नरम पड़ते हुए उसके अंत का आगाज हो जाएगा। लेकिन जब कुछ राज्यों पर नजर डालते हैं तो वहां से हर दिन कोरोना केस में बेतहाशा वृद्धि हमें चिंतित करने लगी है। ग्रामीण इलाकों के कई जिले नए कोरोना केस में बड़ी भागीदारी निभा रहे हैं। ऐसे में लगता है कि भारत को कोरोना के खिलाफ अभी लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी।

​भारत में हर 22 दिन में डबल हो रहे हैं कोरोना केस

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भारत में कोरोना केस दोगुना होने में लगने वाला समय घट रहा है जबकि इटली में बढ़ रहा है। भारत में 1 लाख कोरोना केस आने में 65 दिन लग गए जबकि अगले 10 लाख केस सिर्फ 59 दिन में आ गए। भारत का मौजूदा डबलिंग रेट 22 दिन का है जो दुनिया में सबसे कम है। यानी, भारत दुनिया के उन देशों में शुमार है जहां कोरोना केसों की संख्या जल्दी-जल्दी दोगुनी हो जा रही है।

​75% रिकवरी रेट पर आ सकता है कोरोना का पीक

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30 जुलाई से ही भारत में प्रति दिन औसतन 58,000 कोरोना केस आ रहे हैं लेकिन अब भी पीक नहीं आया है। एसबीआई का आकलन है कि भारत में जब रिकवरी रेट 75% तक पहुंच जाएगा तब कोरोना का पीक भी आ जाएगा। एसबीआई ने दूसरे देशों के ट्रेंड्स देखकर यह अनुमान जताया है। अभी भारत में कोविड-19 का रिकवरी रेट 71% है। हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि कोरोना का पीक रिकवरी रेट के मुताबिक ही आए।

​प्रति 10 लाख आबादी पर मृत्यु दर

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एशियाई देशों में भारत प्रति 10 लाख आबादी पर मृत्यु दर के मामले में भी टॉप पर है। हालांकि, यूरोप और अमेरिका में प्रति 10 लाख की आबादी पर महामारी से पीड़ित मृतकों की दर भारत के मुकाबले बहुत ज्यादा है। दुनियाभर में कोरोना केस पर नजर रखने वाली वेबसाइट वर्ल्डोमीटर के अनुसार, मौजूदा वक्त में अमेरिका का प्रति 10 की आबादी पर मृत्यु दर 529 है जबकि भारत की सिर्फ 38 है। इसी तरह, कोरोना केस के मामले में दुनिया में टॉप दूसरे देश ब्राजील की प्रति 10 लाख आबादी पर मृत्यु दर 517 है जो भारत के मुकाबले बहुत अधिक है। स्पेन में तो यह दर 613 की है जबकि पेरू में 807 की।

​अब ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर नए केस

कोरोना के शुरुआती महीनों में देश के शहरी इलाकों से ज्यादातर केस आए और अब मामला उल्टा पड़ गया। अब हर दिन आने वाले नए केस ज्यादातर ग्रामीण इलाकों के होते हैं। अभी देश का 54% कोरोना केस ग्रामीण इलाकों में हैं। सबसे ज्यादा कोरोना केस देने वाले जिलों की संख्या के आधार पर आंध्र प्रदेश टॉप पर है और वहां के 11 ग्रामीण जिलों में रोज बहुत ज्यादा नए केस आ रहे हैं। उसके बाद महाराष्ट्र के 6 ग्रामीण जिलों से ज्यादा केस आ रहे हैं।

​कम-से-कम 22 राज्यों में नहीं आया है कोरोना केस का पीक

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दिल्ली और तमिलनाडु जैसे कुछ राज्यों में कोरोना का पीक आ गया लगता है। लेकिन महाराष्ट्र, तेलंगाना, बिहार और प. बंगाल जैसे राज्यों में पीक आना बाकी है। इन राज्यों में कोविड-19 टेस्ट कम हो रहे हैं, लेकिन जांच में ज्यादातर लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। एसबीआई ने 27 राज्यों के आकलन के आधार पर कहा कि इनमें कम-से-कम 22 राज्यों में कोरोना का पीक आना बाकी है।

​जीडीपी में गिरावट भी घातक

एसबीआई की रिपोर्ट कहती है कि कोविड के कारण जीडीपी को दोहरे अंकों में झटका लग सकता है। इकॉनमी कमजोर पड़ने का सीधा असर बड़ी आबादी के जीवन स्तर पर पड़ेगा। कोविड का आर्थिक दुष्प्रभाव भी लोगों की जानें लेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर किसी राज्य की जीडीपी 10% या ज्यादा घटती है तो वहां मृत्यु दर भी बढ़ेगी। एसबीआई ने यह भी कहा कि राज्यों की जीडीपी में औसतन 16% की गिरावट आएगी।

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