Bhoomi Pujan Guests List : पद्मश्री मोहम्मद शरीफ भी होंगे राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम का हिस्सा, जानें कौन हैं ये

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Padma Shri Mohammed Sharif Kaun Hain : नरेंद्र मोदी सरकार ने इसी वर्ष मोहम्मद शरीफ को पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा था। अयोध्या में खिड़की अली बेग मोहल्ले के रहने वाले मोहम्मद शरीफ लावारिस को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता मिला है।

Edited By Naveen Kumar Pandey | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

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हाइलाइट्स

  • अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम के लिए कई मुस्लिमों को भी मिला न्योता
  • अयोध्या में खिड़की अली बेग मोहल्ले के रहने वाले मोहम्मद शरीफ भी होंगे कार्यक्रम में शामिल
  • इस वर्ष मोदी सरकार ने मोहम्मद शरीफ को पद्मश्री से सम्मानित किया था

नई दिल्ली

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजना का कार्यक्रम 5 अगस्त यानी बुधवार को संपन्न होना है। कोविड- 19 महामारी के कारण बेहद चुनिंदा लोगों को ही राम मंदिर की आधारशिला रखने के इस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। बड़ी बात यह है कि पहला आमंत्रण पत्र राम जन्मभूमि – बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे हाशिम अंसारी के पुत्र इकबाल अंसारी को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होने वालों की लिस्ट में एक और नाम जो सुर्खियों में है वो है मोहम्मद शरीफ।

पद्मश्री से सम्मानित हैं मोहम्मद शरीफ

नरेंद्र मोदी सरकार ने इसी वर्ष मोहम्मद शरीफ को पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा था। अयोध्या में खिड़की अली बेग मोहल्ले के रहने वाले मोहम्मद शरीफ लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करते हैं। खास बात यह है कि वो इस काम में धर्म, संप्रदाय नहीं देखते। शरीफ ने पद्मश्री मिलने पर खुशी का इजहार किया था और अब राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र मिलने से अभिभूत हैं। वो अयोध्या में आयोजित इस भव्य समारोह का हिस्सा बनने को बेहद उत्सुक हैं।

बेटी की हत्या के बाद बदल गई शरीफ की दुनिया

बहरहाल, लावारिस शवों की अंत्येष्टि के पीछे की कहानी कुछ यूं है। शरीफ का एक बेटा मेडिकल सर्विस से जुड़ा था। एक बार वह सुल्तानपुर गया था, जहां उसकी हत्या करके शव को कहीं फेंक दिया गया था। परिजन ने उसे बहुत खोजा, पर लाश नहीं मिली। उसी के बाद शरीफ ने लावारिस शवों को ढूंढ-ढूंढकर उसका अंतिम संस्कार करने का प्रण लिया था। शरीफ बताते हैं, ’27 साल पहले सुलतानपुर में मेरे बेटे की हत्या हो गई थी। मुझे इसके बारे में एक महीने बाद खबर मिली। फिर मैंने लावारिस शवों के अंतिम संस्कार का काम अपने हाथ में ले लिया। में अब तक 300 हिंदू और 2500 मुसलमानों के शवों का अंतिम संस्कार करवा चुका हूं।’

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‘शरीफ चचा’ से हो गए मशहूर

आम लोगों के बीच वह ‘शरीफ चाचा’ के नाम से मशहूर हैं। वह कहते हैं, ‘जब तक उनमें जान है, वह लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करते रहेंगे। इस सेवा से उन्हें सुकून मिलता है। मैं 27 सालों से इस सेवा में जुटा हूं। मीडिया ने बेहद लगाव रखा और इस सेवाभाव का प्रचार भी किया, लेकिन ऐसे काम को सबसे बड़ा सम्मान दिया मोदी सरकार ने। इसके पहले की सरकारों ने मेरे काम को कोई तवज्जो नहीं दी।’

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इकबाल अंसारी को मिला पहला निमंत्रण पत्र

उधर, बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी भी भूमि पूजन का पहला आमंत्रण पत्र मिलने से फूले नहीं समा रहे। उन्होंने इसे भी रामजी की ही इच्छा बताई और कहा कि भूमि पूजन के कार्यक्रम में भागीदार बनकर उन्हें मंदिर निर्माण में सहभागी बनने का मौका मिला है। अंसारी ने कहा कि भगवान राम किसी एक के नहीं सारे समुदाय के हैं। हम उनकी नगरी में ही रहते हैं, यह सौभाग्य की बात है। बाबरी मस्जिद के एक अन्य मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब को भी भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता मिला है।

मोहम्मद शरीफ (फाइल फोटो)

मोहम्मद शरीफ (फाइल फोटो)

Web Title padma shri mohammed sharif to be in ram mandir bhoomi pujan celebration, know all about him(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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