AIMPLB के बयान पर जफरयाब जिलानी बोले- SC से ऊपर कोई नहीं, Tweet हटाने को कहा गया

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AIMPLB के बयान पर जफरयाब जिलानी बोले- SC से ऊपर कोई नहीं, Tweet हटाने को कहा गया

बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य जफरयाब जिलानी ने कहा कि AIMPLB के ट्वीट के कुछ शब्दों पर आपत्ति है. (File Photo)

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के वरिष्ठ सदस्य जफरयाब जिलानी ने कहा कि ट्वीट के कुछ शब्दों पर आपत्ति है. बोर्ड से ट्वीट हटाने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से ऊपर कोई नहीं हो सकता.

लखनऊ. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (All India Muslim Personal Law Board) के एक ट्वीट में जारी बयान से बवाल मचा हुआ है. दरअसल अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) के भूमिपूजन पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि बाबरी मस्जिद कल भी थी, आज भी है और कल भी रहेगी. हागिया सोफिया (Hagia Sophia) इसका बेहतरीन उदाहरण है. मस्जिद में मूर्तियां रख देने, पूजा-पाठ शुरू कर देने या एक लंबे अर्से तक नमाज पर पाबंदी लगा देने से मस्जिद की हैसियत खत्म नहीं हो जाती.

ट्वीट के कुछ शब्दों पर आपत्ति है: जफरयाब

उधर इस ट्वीट पर देश भर में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. अब बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य जफरयाब जिलानी का बयान आया है. जफरयाब जिलानी ने कहा कि एआईएमपीएलबी के ट्वीट के कुछ शब्दों पर आपत्ति है. बोर्ड से ट्वीट हटाने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से ऊपर कोई नहीं हो सकता.

अयोध्या प्रकरण पर अब भी आपत्ति जताने वाले देशद्रोही: मोहसिन रजाउधर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की टिप्पणी पर योगी सरकार में मंत्री मोहसिन रज़ा ने जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि अयोध्या प्रकरण पर अब भी आपत्ति जताने वाले देशद्रोही हैं. सवाल उठाने वाले लोग न तो 130 करोड़ देशवासियों के प्रतिनिधि हैं, न ही ये देश के मुसलमानों के प्रतिनिधि हैं. ऐसे लोग राष्ट्रद्रोही भी हैं और देशद्रोही भी.

ये भी पढ़ें: राम मंदिर पर सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क बोले- ताकत के बल पर कराया फैसला, मस्जिद है, थी और रहेगी

बता दें ट्वीट में ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि हमारा हमेशा से मानना रहा है कि बाबरी मस्जिद किसी भी मंदिर या किसी हिंदू इबादतगाह को तोड़कर नहीं बनाई गई. हालात चाहे जितने खराब हों हमें हौसला नहीं हारना चाहिए, विपरीत हालात में जीने का मिजाज बनाना चाहिए. इसमें मुसलमानों से अपील की गई है कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले और मस्जिद की जमीन पर मंदिर के तामीर होने से हरगिज निराश न हों.

सपा सांसद भी बोले- मस्जिद थी, है और रहेगी

उधर सपा सांसद संभल से समाजवादी पाार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने भी अयोध्या के राम मंदिर के भूमि पूजन पर विवादित बयान दिया है. शफीकुर्रहमान बर्क ने गुरुवार को कहा कि बाबरी मस्जिद है, थी और रहेगी. सपा सांसद ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने ताकत के बल पर कोर्ट से फैसला कराया और संगेबुनियाद रख दी. ये कानूनी इंसाफ नहीं है, बल्कि हमारे साथ बहुत बड़ी नाइंसाफी हुई है.



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