हर बार आतंकी साजिश फेल, अब ISIS आतंकी गिरफ्त में….दिल्ली पुलिस की तारीफ तो बनती है!

[ad_1]

हाइलाइट्स:

  • बड़े आतंकी हमले की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है
  • दिल्ली में आखिरी बार सितंबर 2008 में हुए थे बड़े आतंकी सीरियल ब्लास्ट
  • 2008 के आतंकी हमले के बाद दिल्ली पुलिस ने मुड़कर नहीं देखा, आतंकवादियों पर रखी पैनी नजर

नई दिल्ली
जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने और राम मंदिर निर्माण को लेकर देश में आतंकवादी हमले का खतरा बढ़ा है। हालांकि पुलिस और खुफिया एजेंसियों की सतर्कता से आतंकी अब तक अपने मनसूबों में कामयाब नहीं हो सके हैं। इसमें सफलता का श्रेय दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों को जाता है। क्योंकि साल 2020 में दिल्ली-एनसीआर के पास अधिकतर आतंकवादी पकड़े गए हैं, जो कि दिल्ली में कुछ बड़ा करने की फिराक में थे। शनिवार को भी दिल्ली के रिज रोड इलाके से दिल्ली पुलिस ने कुख्यात आतंकवादी संगठन आईएसआईएस से कथित रूप से जुड़े एक व्यक्ति को आईईडी के साथ गिरफ्तार किया है।

दिल्ली में बड़े आतंकी हमले की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ऐसी सूचना मिली है कि जम्मू कश्मीर से दिल्ली में 4 से 5 आतंकवादी घुसे हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है। ऐसे में दिल्ली पुलिस तमाम गेस्ट हाउस, होटलों और कश्मीर के नंबर के वाहनों की तलाशी शुरू कर दी है। बस अड्डे, रेलवे स्टेशनों पर भी अलर्ट कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस की इसी मुस्तैदी के चलते शनिवार को धौला कुआं और करोल बाग के बीच रिज रोड पर एनकाउंटर के बाद एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया गया।

दिल्ली पुलिस की आतंकी से मुठभेड़, ISIS का आतंकी धौलाकुआं से अरेस्ट

जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद से बढ़ा खतरा
जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद से देश में आतंकवादी हमले का खतरा बढ़ा है। हालांकि पुलिस और खुफिया एजेंसियों की सतर्कता से आतंकी अपने मनसूबों में कामयाब नहीं हो सके हैं। सबसे ज्यादा खतरा दिल्ली में है। सूत्रों की मानें तो अब तक दिल्ली की अलग-अलग जिले की पुलिस को इस बारे में लिखित कोई इनपुट शेयर नहीं किया गया है, लेकिन दिल्ली में आतंकवादी घुसने को लेकर अलर्ट किया गया है। हालांकि मॉल, सिनेमा हॉल, मार्केट, बस अड्डे, मेट्रो-रेल और हवाई अड्डों की सुरक्षा की बात की जाए तो इसमें केवल आईजीआई एयरपोर्ट और मेट्रो स्टेशनों की सुरक्षा को छोड़ दें तो बाकी सब लगभग भगवान भरोसे ही है।

आतंकवादियों की हर हरकत पर दिल्ली पुलिस की पैनी नजर
सूत्रों की माने तो आतंकवादी हमले का खतरा पूरे देश के साथ खास तौर पर दिल्ली में ज्यादा है। इसमें भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल समेत कुछ प्रमुख हस्तियां भी आतंकवादियों के निशाने पर हैं। ऐसे में दिल्ली पुलिस अब तक के इनपुट को डिकोड करते हुए आतंकवादियों की हर हरकत पर पैनी नजर रख रही है। साथ ही उनके हर खतरनाक मंसूबे पहले ही विफल कर दे रही है।

13 सितंबर 2008 को दिल्ली में हुए थे बड़े सीरियल ब्लास्ट

13 सितंबर 2008 की शाम दिल्ली समेत पूरे देश में दिवाली की तैयारियां चल रही थीं। बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ थी। इसी बीच अचानक खून के छीटों ने पूरी चमक-धमक को मातम में बदल दिया था। दिल्ली बम धमाकों से दहल उठी थी। एक के बाद एक दिल्ली की अलग-अलग मार्केट में हुए चार सीरियल बम धमाकों ने राजधानी समेत पूरे देश को दहला दिया था। इन बम धमाकों में 19 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे।

दिल्ली में बड़े हमले का अलर्ट जारी, बढ़ी चौकसी

दिल्ली पुलिस को ब्लास्ट से पहले दी थी धमकी
इस आतंकी हमले के पीछे भारत के खिलाफ आतंकी साजिशें रचने वाले संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन का हाथ था। राजधानी में हुए इन सीरियल बम धमाकों से पहले दिल्ली पुलिस को एक ई मेल भेजकर इसकी सूचना भी दी गई थी। ईमेल के जरिए दिल्ली पुलिस को चुनौती दी गई थी कि अगर वह इन धमाकों को रोक सकते हैं तो रोक लें। लेकिन पुलिस इन धमाकों को रोक तो नहीं पाई मगर सतर्कता के चलते कुछ जगहों पर रखे गए बम को विस्फोट से पहले निष्क्रिय कर लिया गया था।

[ad_2]

Source link

Tags:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *