संजीत हत्याकांड के आरोपियों की रिमांड खत्म, पुलिस के हाथ खाली, डीएनए और नार्को टेस्ट एकमात्र विकल्प



सुमित शर्मा, कानपुर
के तीन आरोपियों को कोर्ट ने 48 घंटे की रिमांड पर पुलिस को सौंपा था। पुलिस ने हत्याकांड के मास्टरमाइंड ज्ञानेंद्र यादव, कुल्दीप गोस्वामी और नीलू सिंह को कस्टडी में लेकर पूछताछ की, और रिमांड खत्म होने के बाद जेल भेज दिया। पुलिस को हत्या से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां तो मिलीं, लेकिन संजीत की लाश, फिरौती का बैग, फिरौती के बैग में रखा मोबाइल, संजीत का ड्यूटी बैग,पर्स, संजीत का मोबाइल फोन, हत्या में इस्तेमाल की रस्सी को पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। कोर्ट में पुलिस को अपना पक्ष मजबूती से रखना है तो उसके पास नार्को और डीएनए टेस्ट के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।

संजीत हत्याकांड का पुलिस ने 24 जुलाई को खुलासा किया था। खुलासे के 09 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस संजीत के शव समेत हत्या से जुड़े किसी भी साक्ष्य को बरामद नहीं कर सकी है। खुलासे के वक्त पुलिस ने जो थिअरी बताई थी उस पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। संजीत के परिवार ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने जल्दबाजी में खुलासा किया है, और फर्जी खुलासों में साक्ष्य नहीं मिलते हैं। यदि संजीत के शव को पांडू नदी में फेंका गया तो उसकी हड्डियां तो मिलनी चाहिए।

48 घंटे की रिमांड पर क्या-क्या हुआ
संजीत हत्याकांड के तीन आरोपियों ज्ञानेंद्र, कुल्दीप और नीलू को पुलिस ने बीते बुधवार को 48 घंटे की रिमांड पर लिया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों से पूछताछ शुरू करने के बाद बुधवार की शाम नीलू और ज्ञानेंद्र को लेकर पांडू नदी पहुंची थी। हत्यारोपियों ने पुलिस को बताया था कि लोहे वाले पुल के बीच वाले खंभे के पास संजीत के शव को नदी में फेंका था। पुलिस ने पीएसी के गोताखोरों से उस स्थान पर सर्च कराया लेकिन सफलता नहीं मिली।

पुलिस को नहीं मिली कोई खास सफलता
संजीत के परिजनों ने बीते 13 जुलाई को फिरौती के 30 लाख रुपयों से भरा बैग गुजैनी हाइवे से रेलवे लाइन पर फेंका था। उस वक्त नीलू मोबाइल फोन पर संजीत के पिता के साथ लाइन पर था। पुलिस हत्यारापियों को लेकर गुजैनी पुल पर पहुंची, और कैसे बैग को फेंका गया और कहां गिरा इस संबंध में जानकारी जुटाई। इसके साथ ही पुलिस ने बैग को तलाशने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली।

यहां हुई थी संजीत की हत्या
किडनैपरों ने रतनलाल नगर स्थित एक किराये के मकान में संजीत को बंधक बनाकर रखा था। किडनैप के पांचवे दिन ही किडनैपरों ने संजीत की हत्या कर दी थी। हत्यारोपियों ने बताया कि सभी ने मिलकर रस्सी से संजीत का गला घोंटा था। संजीत की हत्या में जिस रस्सी का इस्तेमाल किया था, पुलिस उसे भी बरामद नहीं कर सकी है। इसके साथ ही किडनैपरों ने उस मकान में रहने के लिए बिस्तरों का प्रयोग किया था, उन्हे गुजैनी स्थित शराब ठेके के पीछे फेंका था। पुलिस वो बिस्तर भी बरामद नहीं कर सकी है।

पुलिस ने छठे आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर इस घटना से जुड़े छठे आरोपी सिम्मी को गिरफ्तार किया है। जिस मकान में संजीत को बंधक बनाकर रखा गया था, वहां सिम्मी को संजीत की निगरानी के लिए रखा गया था। इसके साथ ही सिम्मी हत्यारोपी रामजी शुक्ला के साथ फिरौती की रकम लेने के लिए गया था। सिम्मी संजीत के घर की रेकी करता था, और हत्यारोपियों को बताता था।

हत्यारोपियों ने क्या अहम जानकियां दीं?
सूत्रों के मुताबिक हत्यारोपियों ने पुलिस को इस केस से जुड़ी कई अहम जानकारियां दी हैं। हत्योपियों ने बताया कि संजीत का ड्यूटी बैग, पर्स, किडनैपरों ने जिस मोबाइल से फिरौती मांगी थी, उसे गुजैनी के रफाका नाला में फेंका गया था। संजीत की लाश को पांडू नदी में फेंका गया था। इसके साथ ही संजीत के मोबाइल फोन को रामादेवी पुल से झाड़ियों में फेंका गया था। पुलिस के सर्च अभियान में कुछ भी बरामद नहीं हुआ है।

फरेंसिक टीम की जांच और आरोपियों के बयानों में समान
सूत्रों के मुताबिक हत्यारोपियों ने बताया था कि रामजी शुक्ला चाकू से सेब काटकर संजीत को खिला रहा था। इसी दौरान संजीत ने पास में रखी चाकू से अपने हाथ की नस काट ली थी। हाथ से खून बंद होने का नाम नहीं ले रहा था। इसके बाद ही सभी ने मिलकर उसकी गला घोंट कर हत्या कर दी थी। बीते मंगलवार को जब फरेंसिक टीम जांच के लिए उस मकान पर पहुंची थी। फरेंसिक टीम को फर्श, नाली, दीवारों और ट्वायलेट पर मानव ब्लड के सैपंल मिले थे।

रामजी शुक्ला को रिमांड पर लेगी पुलिस
संजीत हत्याकांड के आरोपी रामजी शुक्ला कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। रामजी शुक्ला कोविड-19 हॉस्पिटल में भर्ती है। इलाज के बाद रामजी शुक्ला को रिमांड में लेने की तैयारी है, पुलिस को रामजी शुक्ला से घटना की अहम जानकारियां मिल सकती है। बताया जा रहा है कि रामजी शुक्ला फिरौती का बैग लेने के लिए गया, इसके साथ ही उसी ने रफाका नाले में संजीत का ड्यूटी बैग, पर्स, बिस्तर फेंके थे।

जानकारों के मुताबिक संजीत हत्याकांड में पुलिस के हाथ एक भी ठोस सबूत हाथ नहीं लगा है। इसका फायदा कोर्ट में हत्यारोपियों को मिल सकता है। यदि पुलिस को मजबूती के साथ अपना पक्ष कोर्ट में रखना है तो , फरेंसिक टीम को जो ब्लड के सैंपल मिले हैं, उसका डीएनए टेस्ट कराना होगा। इसके साथ ही हत्यारोपियों का नार्को टेस्ट भी अहम सबूत साबित होगे।



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