विकास दुबे के मारे गए साथी प्रभात का पिता अरेस्ट, बोला-‘जैसा मेरे बेटे ने किया वैसा उसे फल मिला’

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हाइलाइट्स:

  • राजेन्द्र ने पुलिस टीम पर पिस्टल से गोलिया दागी थी
  • 2 जुलाई को हुए बिकरूकांड के बाद से राजेंद्र फरार था
  • पुलिस ने उसपर 50 हजार का इनाम घोषित किया था
  • बिकरू कांड में अब तक पुलिस 22 लोगों को जेल भेज चुकी है

सुमित शर्मा,कानपुर
बिकरू हत्याकांड में फरार चल रहे 50 हजार के इनामी बदमाश राजेंद्र मिश्रा को चौबेपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बिकरू गांव में दबिश देने गई पुलिस पर राजेंद्र मिश्रा ने अपने बेटे प्रभात मिश्रा के साथ मिलकर पुलिस कर्मियों पर गोलियां बरसाईं थी। इस हत्याकांड के बाद एसटीएफ ने मुठभेड़ में प्रभात मिश्रा को मार गिराया था, और राजेंद्र मिश्रा फरार चल रहा था। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद राजेंद्र ने कहा कि ‘जैसा मेरे बेटे ने किया उसे वैसा ही फल मिला।’

चौबेपुर थाना क्षेत्र स्थित बिकरू गांव में रहने वाले राजेंद्र मिश्रा और उसका बेटा प्रभात मिश्रा विकास दुबे के खास गुर्गो में था। बीते 2 जुलाई की रात राजेंद्र मिश्रा ने पिस्टल से बदमाशों पर गोलियां बरसाईं थी। राजेंद्र ने अपने घर की छत से अपने बेटे प्रभात के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया था।

पुलिस कर्मियों के पहुंचते ही की फायरिंग
राजेंद्र मिश्रा ने बताया कि घटना की रात विकास दुबे ने जेसीबी लगवाई थी। इस घटना में गांव के अमर दुबे, प्रेम प्रकाश, शशिकांत, श्यामू बाजपेई, दयाशंकर, जिलेदार, बालगोविंद दुबे, शिवम दुबे, उमाकांत थे। इसके साथ ही बाहर से कई बदमाशों को बुलाया गया था। इसके बाद विकास ने सभी को छत पर भेज दिया था। विकास ने कहा था कि जैसे ही पुलिसकर्मी पहुंचे सभी लोग फायरिंग शुरू देना।

विकास ने बेटे का किया था ब्रेनवॉश
राजेंद्र मिश्रा ने कहा ‘मेरे बेटे प्रभात का विकास दुबे ने ब्रेनवॉश कर के अपने पास रखा था। विकास दुबे जो कहता था, मेरा बेटा वही काम करता था। विकास दुबे का इतना आंतक था कि मैं उसका विरोध नहीं कर पाता था। मेरा बेटा उनके साथ था, जैसा मेरे बेटे ने किया उसे वैसा फल मिला। विकास दुबे खुंखार आतंकवादी था, उसके सामने किसी की बोलने की हिम्मत नहीं थी।’

एसपी ग्रामीण बोले-जारी है पूछताछ
एसपी ग्रामीण बृजेश श्रीवास्तव के मुताबिक बीते 2 जुलाई की रात में बिकरू गांव में घटना घटित हुई थी। इस घटना में वांछित अपराधी राजेंद्र मिश्रा को चौबेपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह 50 हजार रुपए का आरोपी है, पूछताछ में इसने घटना में शामिल होना स्वीकार किया है। उन्होने बताया कि राजेंद्र मिश्रा से पूछताछ की जा रही है, इससे घटना से जुड़े कई अहम सुराग मिले है।

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विकास ने दी थी पिस्टल
एसपी ग्रामीण ने बताया कि राजेंद्र मिश्रा का कहना है कि वो अपनी छत पर मौजूद था, इसके साथ में शिवम दलाल, प्रभात मिश्रा और कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे। जिनके साथ में यह भी फायरिंग कर रहा था, इसने पिस्टल से फायरिंग की थी। जिस पिस्टल से फायरिंग कर रहा था, वो विकास दुबे ने दी थी और फायरिंग के बाद वापस ले लिया था।

कैसे आया परिवार विकास के संपर्क में
बिकरू गांव में रहने वाले राजेंद्र कुमार मिश्रा खेती किसानी कर के परिवार का पालन पोषण करते थे। परिवार में पत्नी सुमन लता, इकलौते बेटे प्रभात मिश्रा और बेटी के साथ रहते थे। प्रभात की दोस्ती अमर दुबे से थी, अमर दुबे के साथ ही प्रभात मिश्रा हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की कोठी पर जाया करता था। विकास की शान शौकत देखकर प्रभात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे से प्रभावित था।

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फेसबुक पर पीतल भरने के पोस्ट करता था प्रभात मिश्रा
पंडित प्रभात उर्फ कार्तिकेय मिश्रा द्वारा फेसबुक पर किए गए पोस्ट देखने साफ प्रतीत होता है कि वो कितना शातिर था। उसके अंदर किसी का भी खौफ नहीं था। इसके साथ ही वो अमिताभ बच्चन की फिल्म सरकार से भी प्रभावित था, जिस प्रकार अमिताभ बच्चन ने सरकार फिल्म मे अभिनय किया था, कुछ उसी भूमिका में वो हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को भी रखता था।

एनकाउंटर में मारा गया था प्रभात मिश्रा
आठ पुलिस कर्मियों की हत्या करने के बाद बीते 7 जुलाई को प्रभात मिश्रा फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया था। यूपी एसटीएफ और पुलिस टीम प्रभात को फरीदाबाद से ट्रांजिड रिमांड पर कानपुर लेकर आ रही थी। बीते 8 जुलाई को पनकी हाइवे के पास पुलिस की गाड़ी पंचर हो गई थी। प्रभात पुलिस की पिस्टल लेकर भागने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान प्रभात पुलिस की मुठभेड़ में मारा गया था।

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