लखनऊ डबल मर्डर: IRTS अधिकारी की नाबालिग बेटी ने चलाई थी गोली, शीशे में लिखा Disqualified Human

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लखनऊ डबल मर्डर: IRTS अधिकारी की नाबालिग बेटी ने चलाई थी गोली, शीशे में लिखा Disqualified Human

यूपी पुलिस की टीम ने मामले का खुलासा किया है.

Lucknow Double Murder: पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे के मुताबिक, अधिकारी की बेटी ने ही अपने मां और भाई पर गोली चलाई (Shot Dead) है. नाबालिग को डिप्रेशन (Depression) का शिकार बताया गया है.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में शनिवार को हुए हाई प्रोफाइल मर्डर (Murder) की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. मुख्यमंत्री आवास के नजदीक हुए डबल मर्डर केस में लखनऊ पुलिस ने रेलवे के सीनियर अधिकारी की नाबालिग बेटी को हिरासत में ले लिया है. पूरे मामले का खुलासा करते हुए पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने बताया कि IRTS (Indian Railway Traffic Service) अधिकारी राजेश दत्त बाजपेयी की नाबालिग बेटी ने ही अपनी मां और भाई की हत्या की है. हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है.

पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे के मुताबिक, हत्यारोपी नाबालिग डिप्रेशन की मरीज है. ऐसा लगता है डिप्रेशन के चलते उसने वारदात को अंजाम दिया है. हत्यारोपी ने अपने हाथ पर भी रेज़र से कई घाव किए हैं. पुलिस ने रेजर को भी बरामद कर लिया है. नाबालिग ने तीन गोली चलाई थी. शीशे पर उसने Disqualified Human लिखा है. कांच पर उसने गोली चलाई है. पुलिस का कहना है कि नाबालिग ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है.

ऐसे खुला डबल मर्डर का राज!

खुद यूपी के डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी और सुजीत पांडे मर्डर की गुत्थी को सुलझाने में जुटे हुए थे. शुरुआती जांच में घर में कहीं भी लूट का कोई निशान नहीं मिल रहा था. कोई कमरा अस्त व्यस्त नहीं था, सामान फैला नहीं था. एक बेडरूम में एक ही बिस्तर पर मां -बेटे की लाश पड़ी हुई थी. बेटी के कमरे में जब पुलिस पहुंची तो उसने कमरे के बाथरूम में लगे शीशे पर लिखा था डिसक्वॉलिफाइड ह्यूमन और उस पर गोली चलने का भी निशान था.बेटी के कमरे की दीवारों पर कुछ स्माइली बनी हुई थीं जिनसे आंसू टपक रहे थे. मेज पर एक खोपड़ी और भूत जैसा शोपीस रखा हुआ था. पुलिस ने जब नाबालिग को उसके नाना- नानी की मौजूदगी में पूछताछ की तो उसने अपने दोनों हाथ जींस की जेब में डाले हुए थे. जांच टीम ने उसे हाथ निकालने को कहा तो दाहिने हाथ पर पट्टी बंधी हुई थी. पट्टी बंधे होने की वजह पूछी गई तो उसने बताया कि मैंने खुद ही अपने हाथों से रेज़र से ये निशान बनाया है. हाथों पर कई जगह ब्लेड से काटने के निशान बने थे और God लिखा हुआ था.

राजीव दत्त बाजपेयी नई दिल्ली स्थित रेल मंत्रालय में एग्जीक्यूटिव अफसर हैं.

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नेशनल शूटर है नाबालिग

बस इतना इशारा पुलिस के लिए काफी था. पुलिस समझ गई थी कि कहीं ना कहीं इस वारदात में नाबालिग बेटी शामिल हो सकती है. बेटी दसवीं की छात्रा है और नेशनल शूटर भी है. लिहाजा उसके पास शूटिंग की प्रैक्टिस के लिए .22 एमएम की एक पिस्टल भी थी. नाना-नानी भी मौके पर मौजूद थे. सब को भरोसे में लेकर जब पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने पूछताछ शुरू की तो मामला साफ हो गया. नाबालिग बालिका ने बताया कि उसने ही अपनी मां और बेटे को गोली मारी है. पुलिस ने उसी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल असलहा बरामद कर लिया जिसमें से 5 गोलियां बची थीं. असलहे में 8 गोलियां थीं जिनमें में से दो हत्या में इस्तेमाल हुए और एक बाथरूम के शीशे पर चलाई गई जो बरामद हो गई. पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे के मुताबिक नाबालिग बालिका ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है.



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