राम मंदिर: दिग्विजय सिंह के ट्वीट पर CM योगी का पलटवार- अपना इतिहास देखे कांग्रेस

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राम मंदिर: दिग्विजय सिंह के ट्वीट पर CM योगी का पलटवार- अपना इतिहास देखे कांग्रेस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर निर्माण को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा. (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य, आजादी के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार के साथ ही शुरू हो सकता था, लेकिन रामलला जहां विराजमान हैं, कांग्रेस वहां पर मंदिर का शिलान्यास नहीं चाहती थी.

अयोध्या. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन से पहले आज कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह के ट्वीट को लेकर पार्टी के ऊपर जमकर हमला बोला. राम मंदिर निर्माण (Ram Mandir Nirman) में अड़ंगा लगाने, देश को धर्म-जाति के आधार पर बांटने और सत्ता के लिए जनभावना से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उसका इतिहास याद रखना चाहिए कि उसने राम मंदिर निर्माण न हो, इसके लिए हरसंभव प्रयास किया. सीएम योगी ने कहा कि 135 करोड़ लोग अयोध्या में मंदिर के समर्थक हैं. आज जबकि मंदिर के शिलान्यास का क्षण नजदीक है, तो ऐसे में लोग किसी भी तरह की नकारात्मक टिप्पणी न करें. आपको बता दें कि दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने गृह मंत्री अमित शाह और यूपी के कई नेताओं के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद कहा था कि राम मंदिर का निर्माण अशुभ मुहूर्त में हो रहा है.

सीएम योगी ने कहा कि देश को इतिहास और हर व्यक्ति के पुराने कृत्य के बारे में मालूम है. आज सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक इसके शिलान्यास का लोग इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में किसी भी तरह की नकारात्मक टिप्पणी न करें. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने इतिहास में झांकना चाहिए. सबको पता है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य, आजादी के तत्काल बाद सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार के साथ ही शुरू हो सकता था. लेकिन जब लोगों के लिए देश से महत्वपूर्ण सत्ता हो जाती है, तो ऐसे लोग जाति-मजहब के नाम पर देश को बांटने का काम करते हैं.

योगी ने कहा कि रामलला जहां विराजमान हैं, जो वास्तविक जन्मस्थल है, वहां मंदिर बनना चाहिए, यह पूरे देश की इच्छा थी, लेकिन कांग्रेस उस स्थान पर मंदिर का शिलान्यास नहीं चाहती थी. विवाद का अंत नहीं चाहती थी. इसलिए जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट गया, तो वहां कांग्रेस के एक नेता ने ही अदालत में आवेदन दिया कि समस्या का समाधान 2019 से पहले नहीं हो पाए. उन्होंने कहा कि 9 नवंबर की तारीख ऐतिहासिक तिथि है, जब सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया और 500 साल से चले आ रहे विवाद का पटाक्षेप किया. हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं जिन्होंने कई साल पहले से ही इसके बारे में कहते रहे थे कि इस समस्या का समाधान संविधान के अनुरूप ही हो. अदालत ने भी संविधान के तहत ही भव्य राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया. सीएम योगी ने कहा कि 5 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी यहां आ रहे हैं, उस दिन शिलान्यास कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट होगा. यह गौरवशाली क्षण होगा, पूरा भारत इसकी अनुभूति करे. करोड़ों लोग इसके साक्षी बनेंगे. सीएम योगी ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए सब लोग अपने घरों में रहकर इस कार्यक्रम को देखें. महामारी के मद्देनजर सभी लोग इस नियम का पालन करें, यही भगवान श्रीराम के प्रति हमारी श्रद्धा होगी.



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