रक्षा मंत्रालय का खास प्लान, स्वदेश में विकसित हथियारों में आयात किए गए प्रोडक्ट के कम इस्तेमाल की तैयारी

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Edited By Ruchir Shukla | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

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नई दिल्ली

रक्षा मंत्रालय ने अहम फैसले में कहा कि हल्के लड़ाकू विमान तेजस और आकाश मिसाइलों जैसे स्वदेश में विकसित सैन्य प्लेटफार्म और हथियार प्रणालियों में आयात की गई वस्तुओं के प्रतिशत में कमी लाने पर ध्यान दिया जाएगा। भारतीय सशस्त्र बल स्वदेशी तौर पर विकसित प्लेटफार्म और हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनमें कई तरह की आयातित वस्तुएं और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम शामिल हैं।

रक्षा क्षेत्र के लिए आयात की जाने वाली वस्तुओं की ब्लैक लिस्ट में स्वदेश की कुछ प्रणाली के नाम शामिल होने पर रक्षा मंत्रालय ने पक्ष रखा है। मंत्रालय ने कहा कि इनके लिए कुछ उपकरणों का आयात किया जाता है। इस बात को ध्यान में रखकर ही ये फैसला लिया गया है। 9 अगस्त को मंत्रालय की ओर से आयात के लिए वस्तुओं की नकारात्मक सूची जारी की गई। नकारात्मक सूची में कई उत्पाद हैं जो या तो भारत में विकसित किए गए हैं या विकास के फेज में हैं।

मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस सूची में देश में ही बनाए जाने वाले हल्के लड़ाकू विमान एलसीए मार्क 1ए, पिनाका रॉकेट सिस्टम और आकाश मिसाइल सिस्टम का नाम शामिल किए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। इसको लेकर मंत्रालय की ओर से ये स्पष्ट किया जाता है कि इनका विकास सेना की गुणवत्ता जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाता है। ये प्रणाली रक्षा बलों की ओर से तैयार गुणात्मक जरुरतों के साथ विकसित की जाती हैं। ये इंटरनेशनल मार्केट में भी उपलब्ध है।

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