मंत्री कमल रानी वरुण के निधन पर UP में राजकीय शोक का ऐलान, कैबिनेट ने दी श्रद्धांजलि

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मंत्री कमल रानी वरुण के निधन पर UP में राजकीय शोक का ऐलान, कैबिनेट ने दी श्रद्धांजलि

मंत्री कमल रानी वरुण के निधन पर UP में राजकीय शोक का ऐलान (file photo)

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने कहा कि उनका निधन समाज व पार्टी के लिए एक अपूरणीय क्षति है. ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूँ.

लखनऊ. योगी सरकार (Yogi Government) में कैबिनेट मंत्री कमला रानी वरुण (Cabinet Minister Kamla Rani Varun) की कोरोना संक्रमण (Corona Infection) से रविवार को मौत हो गई. योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री कमल रानी वरुण के निधन के चलते उत्तर प्रदेश में रविवार को राजकीय शोक घोषित किया गया है. उनका अंतिम संस्कार कानपुर में आज ही किया जाएगा. राजकीय शोक के दौरान राज्य में झंडा झुका रहेगा.

उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास में कैबिनेट मंत्री श्रीमती कमला रानी वरुण जी की आत्मा की शांति के लिए आयोजित शोक सभा में सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित की गई. सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों व समर्थकों को संबल प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना.

वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश, सरकार में कैबिनेट मंत्री श्रीमती कमल रानी वरुण जी के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ. उनका निधन समाज व पार्टी के लिए एक अपूरणीय क्षति है. ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूँ. ईश्वर उनके परिवार को संबल प्रदान करे. ये भी पढे़ं- अयोध्या: राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे गृह मंत्री अमित शाह

बता दें कि 18 जुलाई को सिविल अस्पताल में उनके सैंपल की जांच की गई थी जिसमें उनमें संक्रमण की पुष्टि हुई थी. उनके परिवार के कई अन्य लोग भी संक्रमित हैं. उनका इलाज लखनऊ के पीजीआई में चल रहा था. 2017 में बीजेपी ने उन्हें कानपुर के घाटमपुर सीट से चुनावी मैदान में उतारा थे. वे इस सीट से जीतने वाली पार्टी की पहली विधायक थीं. पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा व लगन को देखते हुए 2019 में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था. वे सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री थीं.

घाटमपुर से बनी विधायक
वर्ष 2012 में पार्टी ने उन्हें रसूलाबाद (कानपुर देहात) से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा लेकिन वह जीत नहीं सकी. 2015 में पति की मृत्यु के बाद 2017 में वह घाटमपुर सीट से बीजेपी की पहली विधायक चुनकर विधानसभा में पहुंची थीं.



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