भाषायी भेदभाव के आरोपों पर बोले जेपी नड्डा- हमेशा लोगों को भड़काने का ही काम करती है डीएमके

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चेन्नै
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने तमिलनाडु की विपक्षी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) पर हमला करते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि वह राष्ट्र हित में काम नहीं करने वाले लोगों के लिए आश्रय स्थल है। जे पी नड्डा ने कहा कि डीएमके हमेशा राष्ट्रीय भावना के खिलाफ भावनाएं भड़काती है। उन्होंने अपनी पार्टी के सदस्यों से अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में डीएमके को उचित जवाब देने की अपील की।

नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रदेश बीजेपी की कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए नड्डा ने आरोप लगाया कि डीएमके हमेशा विकास विरोधी और राष्ट्र के हित के खिलाफ रही है। उन्होंने कहा, ‘तमिलनाडु में, डीएमके राष्ट्र के हित में काम नहीं करने वाले लोगों के लिए आश्रय स्थल रही है। आपको यह देखना चाहिए कि हम उन लोगों को करारा जवाब दें जो राष्ट्र हित के खिलाफ काम कर रहे हैं।’ नड्डा ने कहा कि अन्य लोगों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि तमिलनाडु में विभाजनकारी ताकतों को मजबूती नहीं मिले।

पार्टी वर्कर्स से नड्डा की अपील- तमिलनाडु में बढ़ाएं वोट शेयर
उन्होंने भगवान मुरुगन की स्तुति में गाए जाने वाले ‘कंडा षष्टि कवचम’ की कथित तौर बिगाड़ कर पेश वाले यूट्यूब चैनल करुप्पर कूतम का जिक्र करते हुए नड्डा ने कहा कि तमिलनाडु के प्रबुद्ध लोगों ने संगठन के खिलाफ आंदोलन किया। नड्डा ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में राज्य में स्थानीय निकायों और विधानसभा के चुनावों में बीजेपी की पर्याप्त हिस्सेदारी होगी। उन्होंने पार्टी के सदस्यों से तमिलनाडु में वोट शेयर बढ़ाने की अपील की।

जेपी नड्डा ने कहा, ‘तमिलनाडु मंदिरों, समृद्ध संस्कृति, स्थापत्य सौंदर्य, क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता सेनानियों, दिग्गज प्रशासकों और दुनिया भर में मशहूर उद्यमियों से भरा हुआ है। मैं तमिलनाडु की समृद्ध संस्कृति के लिए यहां के लोगों को नमन करता हूं।’ किसी का जिक्र किए बिना उन्होंने कहा कि तमिलनाडु लंबे समय से तमिल भाषा के बारे में बात कर रहा है और उसे यह महसूस करना चाहिए कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य अपनी मातृभाषा के माध्यम से शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।

शिक्षा नीति को लोगों तक पहुंचाने की अपील
नड्डा ने वरिष्ठ पदाधिकारियों से कहा, ‘मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप नई शिक्षा नीति के बारे में चर्चा करें… स्वतंत्र भारत में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील शासन के तहत, पहली बार सरकार ने एक शिक्षा नीति पेश की है जो भारत शिक्षा नीति है जिसमें भारत की भावना परिलक्षत होती है। नई नीति का गहन अध्ययन करें और देखें कि तमिलनाडु के लोगों को राष्ट्रीय मुख्यधारा में लाया गया है।’

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