बाढ़ और भूस्खलन ने इस मॉनसून 16 राज्यों में ली 900 से ज्यादा लोगों की जान

[ad_1]

भाारत में इस मॉनसून (Monsoon in India) ने तबाही मचाई। बाढ़ (Flood) और भूस्खलन (Landslide) ने 900 से ज्यादा लोगों की जान ले ली। केरल (Kerala), पश्चिम बंगाल (West Bengal), असम (Assam), गुजरात (Gujarat), कर्नाटक (Karnataka), मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) और महाराष्ट्र (Maharashtra) सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक हैं।

Edited By Shashi Mishra | टाइम्स न्यूज नेटवर्क | Updated:

बाढ़ (फाइल फोटो)बाढ़ (फाइल फोटो)
हाइलाइट्स

  • भारत में 16 राज्य बाढ़ और भूस्खलन से हैं बेहाल
  • इस मॉनसून बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 16 राज्यों में 900 से ज्यादा लोग मरे
  • अभी अन्य राज्यों के आंकड़े आने और नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण बढ़ेंगे आंकड़े
  • केरल में एक ही दिन में भूस्खलन ने ली 23 लोगों की जान

नई दिल्ली

कोरोना वायरस के चलते देश में कई लोगों को जान गंवानी पड़ रही है। मौतों का यह आंकड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस आफत के बीच इस साल का मॉनसून भी मुसीबतों का पहाड़ लेकर आया है, जो लोगों पर टूट रहा है। इन मॉनसून में 16 राज्य बेहाल हो गए हैं। अब तक इन राज्यों में बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण 900 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

शुक्रवार को केरल में एक बड़े भूस्खलन में 33 लोगों की मौत हो गई। 6 अगस्त तक 33 लोग बाढ़ और भूस्खलन में अपनी जान गंवा चुके थे। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, असम, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र भी सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक हैं।

केरल में बड़ा हादसाः लैंडस्लाइड में 80 से ज्यादा मजदूर दबे, 14 की मौत, रेस्क्यू जारी

लाखों लोग हुए प्रभावित

बिहार में 69 लाख लोग और असम में 57 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए और उनके घर तबाह हो गए। देश के लाखों लोग बेघर हो गए। उनका पशुधन और आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई। हजारों लोग बेघर होने के बाद रिलीफ कैंपों में रह रहे हैं। केंद्र सरकार ने नैशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की 141 टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाई हैं। इसके अलावा स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) भी राहत कार्यों में लगी हैं।

आफत की बारिश, 8 राज्यों में गई 470 लोगों की जान

काजीरंगा के 223 में 126 शिविर प्रभावित

  • काजीरंगा के 223 में 126 शिविर प्रभावित

    बाढ़ से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीव बेहाल हैं। यहां 223 शिविरों में से 126 प्रभावित हुए हैं। पबित्रा वन्यजीव अभ्यारण्य में 25 में से 24 तथा राजीव गांधी ओरांग राष्ट्रीय उद्यान में 40 में से 28 शिविर प्रभावित हुए हैं।

  • मदद के इंतजार में बेजुबान

    यहां पर अधिकांश वन्यजीवों को पानी से बाहर ठिकाना नहीं मिल रहा है तो वे अपना पानी में खड़े रहकर मदद का इंतजार कर रहे हैं तो कई खुद ही सुरक्षित स्थान ढूंढते नजर आ रहे हैं।

  • बकरी के शेड में घुसा टाइगर

    कंडोलीमारी गांव में बाढ़ के पानी से बचने के लिए एक टाइगर बकरी के शेड में छिप गया। उसे निकालने के लिए वन विभाग को 11 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद टाइगर को निकाला जा सका।

  • ...जब बकरी के बाड़े में घुसा टाइगर
  • 41 वन्यजीवों की हो चुकी है मौत

    बाढ़ से अब तक 41 वन्य जीव मारे गए हैं जबकि 49 अन्य को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में बचा लिया गया। वन्यजीवों को रेस्क्यू कराने का काम जारी है। वन्यजीवों को पानी से बाहर जहां रास्ता नजर आ रहा है वे जा रहे हैं।

  • पानी में डूबा गेंडा तो तैरकर बाहर निकलने लगा

    नैशनल पार्क में पानी भर जाने से एक गेंडा पानी में पूरी तरह डूब गया। जान बचाने के लिए वह पानी में तैरकर बाहर निकलने लगा। वन्यजीव विशेषज्ञों की मानें तो गेंडा एक अच्छा तैराक होता है। वह 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तैर सकता है।

  • झुंड में सुरक्षित ठिकाना ढूंढने निकल पड़े हाथी

    काजीरंगा में पानी भरने के बाद जब हाथियों को जगह नहीं मिली तो वह सड़क पार करके दूसरी तरफ नजर आ रहे सूखे स्थान की तरफ चल दिए। ऐसे ही हाथियों का यह झुंड एनएच 37 पर नजर आया।

दस दिनों में 200 लोगों की मौत

बीते दस दिनों के आंकड़े देखें तो राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन से 200 लोगों की मौतें हुईं, कुल मौतों का आंकड़ा 900 पहुंच गया है। सबसे ज्यादा मौतें पश्चिम बंगाल में हुईं। यहां 239 मौतें दर्ज की गईं, असम में 136, गुजरात में 87, कर्नाटक में 74 और मध्य प्रदेश में भी 74 लोगों की जानें गईं। यह मौतों का आंकड़ा अभी बढ़ेगा क्योंकि अधिकांश राज्यों ने अपनी रिपोर्ट तैयार करके केंद्र सरकार को नहीं भेजी है और अभी भी अधिकांश राज्यों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

बिहार में बाढ़ से स्थिति भयावह, राहत न मिलने से चूहे खाकर गुजारा कर रहे पीड़ित!

असम में बाढ़ से गई 136 और भूस्खलन में 26 की मौत

असम में 136 लोगों ने बाढ़ के कारण और 26 लोगों ने भूस्खलन में जान गंवाई। केरल के इडुक्की में अकेले शुक्रवार को भूस्खलन ने 23 लोगों की जान ले ली। इन प्राकृतिक आपदाओं के बीच में राज्य बेहाल हैं। यहां पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और कोरोना वायरस गाइडलाइन का पालन नहीं हो पा रहा है।

24 घंटे में निकाले गए 9000 से ज्यादा लोग

  • 24 घंटे में निकाले गए 9000 से ज्यादा लोग

    एसडीआरएफ की ओर से रविवार शाम जारी बुलेटिन में कहा गया कि एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, नागरिक सुरक्षा और अंतर्देशीय जल परिवहन विभागों ने पांच जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान 9,303 लोगों को निकाला है।

  • मरने वालों की संख्या बढ़ी

    भारी बारिश के कारण बाढ़ के कारण असम के 16 जिलों बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं और यहां रहने वाले लगभग 253,000 से अधिक लोग बेघर हुए हैं। जलप्रलय के कारण मरने वालों की संख्या बढ़ गई है।

  • सुरक्षित ठिकाने की तलाश में बच्चे भी निकले

    27 जून, 2020 को भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में मोरिगोवन जिले के मुरकटा गांव में बाढ़ का पानी भर गया तो ग्रामीणों ने अपनी गृहस्थी का कुछ सामान उठाया और नाव से बाढ़ का पानी पार करके सुरक्षित स्थान की तलाश पर निकल पड़े।

  • जिंदगी तलाश रहे जानवर भी

    भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में बाढ़ प्रभावित मोरीगांव जिले में पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य में जानवरों को भी खाने को नहीं मिल रहा है। एक सींग वाला भारतीय गेंडा भी खाने की तलाश में पानी के बीच कुछ ढूंढता नजर आया।

  • पानी के बीच फंसे हाथी

    बाढ़ के पानी में दो हाथी फंस गए। दूर-दूर तक उन्हें पानी ही पानी नजर आ रहा था। हाथियों को समझ नहीं आ रहा था कि वे किस तरफ जाएं। वे परेशान ऐसे ही खड़े रहे। बाद में उन्हें पानी से बाहर लाया गया।

  • घर में भरा पानी तो टीन शेड पर बैठा बच्चा

    बाढ़ का पानी घरों के अंदर तक घुस गया है। असम का यह घर पूरी तरह पानी में डूब गया। घर के ऊपर बनी टीन के शेड पर बच्चा जाकर बैठ गया। उसकी नजर जिधर जा रही थी, उसे पानी ही पानी नजर आ रहा था। सब डूबने के बाद वह टीन शेड पर मदद का इंतजार कर रहा था।

  • खतरे के निशान के ऊपर ब्रह्मपुतर नदी

    अधिकारियों ने बताया कि ब्रह्मपुत्र नदी और इसकी सहायक नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और इसके चलते धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ, उदलगुड़ी, दरंग, बक्सा, कोकराझार, बारपेटा, नागांव, गोलाघाट, जोरहाट, माजुली, शिवसागर, डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

लाखों लोग हर साल होते हैं प्रभावित

देश में बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं को लेकर हर साल देश में सैकड़ों लोगों की जान जाती है। हर साल लाखों लोग बेघर होते हैं और उन्हें गरीबी में अपना जीवन बिताना पड़ता है। लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित होती है। हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो जाती है।

Web Title flood and landslide killed more than 900 people in 16 states of india just in this monsoon(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

रेकमेंडेड खबरें

[ad_2]

Source link

Tags:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *