पुलवामा हमला: पाकिस्तान की ‘टेटर पॉलिसी’ को FATF के सामने बेनकाब करेगा भारत

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नई दिल्ली
पुलवामा फिदायीन हमले में पाकिस्तानी साजिश से जुड़े सबूतों के साथ भारत फाइनेंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) में पाकिस्तान को बेनकाब करेगा। हमले के आरोपी मोहम्मद उमर फारूक के पेशावर और खैबर एजेंसी के दो बैंक अकाउंट्स में पाकिस्तान बेस्ड जैश-ए-मोहम्मद के मास्टरमाइंड ने 10.43 लाख रुपये जमा किए थे। 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले से जुड़ा ये सुराग मिलने के बाद FATF में पाकिस्तान को ‘ब्लैक लिस्टेड’ कराने के मामले में भारत को मदद मिल सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित बैंकों में पुलवामा हमले के लिए की गई फंडिंग का मुद्दा भारत उठा सकता है। पुलवामा हमले की साजिश रचने और गुनाहगारों को पनाह देने के मामले में भारत पाकिस्तान को बेनकाब करेगा। एक अधिकारी ने कहा, ‘फैक्ट यह है कि एक जैश आतंकवादी पाकिस्तान में अपने बैंक अकाउंट्स में फंड ले रहा था, जिसका इस्तेमाल उसने भारत में पुलवामा हमले के लिए इस्तेमाल की गई कार और विस्फोटक खरीदने के लिए किया। पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। इससे पता लगता है कि पाकिस्तान बैंकिंग सिस्टम को लेकर अपने वादों को पूरा करने में विफल रहा है।’

सितंबर में होनी है एफएटीएफ की मीटिंग
आपको बता दें कि सितंबर में एफएटीएफ की मीटिंग होनी है। पहले इसे जून में होना था लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते इसे टाल दिया गया था। इसके बाद अक्टूबर में एफएटीएफ की सालाना बैठक भी होनी है। पाकिस्तान जून 2018 से एफएटीएफ की ग्रे सूची में है। एफएटीएफ की मीटिंग से पहले पाकिस्तान ने 88 आतंकियों पर प्रतिबंध लगाए है। इसका मकसद ब्लैक लिस्ट होने से बचना है। हालांकि पुलवामा हमले को लेकर भारत के सबूत पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में भेज सकते हैं।

पाकिस्तान की दो बैंकों में जमा हुए थे पैसेआपको बता दें कि जम्मू में एक विशेष एनआईए अदालत में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से दायर 13,800 पन्नों की चार्जशीट में यह खुलासा हुआ है। जांचकर्ता के मुताबिक, फारूक ने पुलवामा आतंकी हमले के लिए मारुति ईको कार, 200 किलोग्राम विस्फोटक और अन्य जरूरी सामान खरीदने के लिए 5.7 लाख रुपये का इस्तेमाल किया। एक अधिकारी के मुताबिक, ‘मार्च 2019 में भारतीय सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए फारूक के बैंक खाते में 10 लाख पीकेआर (पाकिस्तानी मुद्रा) जमा किए गए थे।’ अधिकारी ने कहा कि यह राशि फारूक के दो बैंक खातों में जमा की गई थी, जिसे पाकिस्तान में मुहम्मद उमर के नाम से जाना जाता था। पैसा एलाइड बैंक और मीजान बैंक खाते में जमा किया गया था।

हमले का पूरा खर्च था 5.7 लाखचार्जशीट में दावा किया गया है कि पुलवामा आतंकी हमले के लिए पूरा खर्च 5.7 लाख रुपये था। यह बात फारूक और पाकिस्तान में एक अन्य जेईएम हैंडलर के बीच हुई बातचीत में सामने आई है। एनआईए ने अपनी चार्जशीट में जेईएम प्रमुख मौलाना मसूद अजहर, उसके भाइयों अब्दुल रऊफ असगर और अम्मार अल्वी के साथ ही 19 लोगों को आरोपी बनाया है। आरोपपत्र में फारूक का भी नाम लिया गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अधिकारी ने बताया, ‘अप्रैल 2018 में भारत में घुसपैठ करने वाले और पुलवामा हमले की साजिश में शामिल फारूक ने पाकिस्तान में अपने हैंडलर्स से भारतीय सैनिकों के क्षत-विक्षत शवों की वीडियो क्लिप तैयार करने के लिए कहा था।’

घाटी के युवाओं को आतंक की तरफ ढकेलना चाहते थे आतंकीअधिकारी ने बताया कि आत्मघाती हमलावर को ‘शहीद’ करार देते हुए कश्मीरी युवाओं को बरगलाते हुए आतंकी गतिविधियों में शामिल करने के लिए कहा गया था। अधिकारी ने कहा कि जेईएम आतंकवादी घाटी में युवकों को प्रेरित करने के लिए आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार पर कश्मीरी भाषा में एक ऑडियो-वीडियो क्लिप बनाना चाहते थे, जिसने विस्फोटकों से भरी कार से 14 फरवरी 2019 को सुरक्षा काफिले की बस में टक्कर मार दी थी। संदेशों को पाकिस्तानी सिम कार्डों में वॉट्सऐप के माध्यम से ऑडियो क्लिप के रूप में शेयर किया गया था, जिसे फारूक ने भारत में प्रवेश के बाद इस्तेमाल किया था।

भारत-पाक में युद्ध चाहते थे आतंकीएक अन्य एनआईए अधिकारी ने कहा कि जैश आतंकियों को बुरहान वानी के सपोर्ट के बारे में भी अच्छी तरह से पता था, जिसे आठ जुलाई 2016 को भारतीय सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मार गिराया गया था। उस समय वानी की मुठभेड़ में हुई मौत के खिलाफ तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य में काफी प्रदर्शन और पथराव की घटनाएं भी देखने को मिली थीं। अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान में जैश कमांडर आदिल को कश्मीरी युवकों का समर्थन हासिल करने के लिए वानी की तरह ही शहीद के रूप में भी प्रदर्शित करना चाहते थे। एनआईए की चार्जशीट में दावा किया गया है कि मसूद अजहर के भाई रउफ असगर ने भी बालाकोट हमले के बाद फारूक से कश्मीर में लड़ाकू जेट की आवाजाही के बारे में भी पूछा था। चार्जशीट में कहा गया है कि फारूक अपने सहयोगियों के साथ चर्चा कर रहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध होना चाहिए, ताकि सीमा पर घुसपैठ करने वालों को भारत में धकेला जा सके।

(आईएएनएस से इनपुट के साथ)

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