नौसेना के 4 अधिकारियों ने IT हार्डवेयर के नाम पर बना दिए 6.76 करोड़ के फर्जी बिल, CBI ने दर्ज किया केस



नई दिल्ली
सीबीआई ने पश्चिमी नौसेना कमान को आईटी हार्डवेयर आपूर्ति करने के नाम पर 6.76 करोड़ रुपये के फर्जी बिल बनाने के आरोप में नौसेना के चार अधिकारियों और 14 अन्य खिलाफ एक मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी ने कैप्टन अतुल कुलकर्णी, कमांडर मंदर गोडबोले और आरपी शर्मा तथा पेटी ऑफिसर एलओजी (एफ एंड ए) कुलदीप सिंह बघेल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह मामला कथित तौर पर 6.76 करोड़ रुपये के सात फर्जी बिल बनाने को लेकर दर्ज किया गया है।

सीबीआई की प्राथमिकी के मुताबिक, इन सभी नौसेना अधिकारियों ने अपने आधिकारिक पद का गलत इस्तेमाल कर धोखाधड़ी की और सरकारी खजाने को लूटा और आर्थिक लाभ उठाया। सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने इस बाबत छापेमारी भी की थी।

बिल में जिस सामान का जिक्र था उसकी आपूर्ति ही नहीं हुई
आरोप है कि ये बिल सूचना प्रौद्योगिकी एवं नेटवर्किंग संबंधी हार्डवेयर की आपूर्ति के लिए मुंबई में पश्चिमी नौसेना कमान (डब्ल्यूएनसी) में 2016 में जनवरी से मार्च के बीच तैयार किए गए। सीबीआई की प्राथमिकी में कहा गया है, “बिल में जिस सामान का जिक्र किया गया है, उनमें से किसी सामान की आपूर्ति डब्ल्यूएनसी के मुख्यालय में नहीं की गई। बिलों की तैयारी संबंधी वित्तीय मंजूरी, खरीदारी के ऑर्डर, रसीद वाउचर इत्यादि जैसे कोई दस्तावेज मुख्यालय में नहीं हैं।’’

‘गोडबोले और शर्मा की एफआईसी यूजर आईडी से फर्जी बिल तैयार किए’नौसेना ने बजट पर निगरानी के लिए और जमा किए गए बिलों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए 2012 में एक वित्तीय सूचना प्रणाली (एफआईसी) लागू की थी। सभी बिल में एफआईसी संख्या होती है और एफआईसी यूजर आईडी किसी अधिकारी को आवंटित की गई निजी संख्या होती है और कोई और कर्मी उस तक नहीं पहुंच सकता। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि गोडबोले और शर्मा की एफआईसी यूजर आईडी से फर्जी बिल तैयार किए गए, जिससे अपराध में उनकी सक्रिय मिलीभगत का पता चलता है। इसमें आरोप लगाया गया है कि जिस इकाई में बिल तैयार किए गए थे, कुलकर्णी उसका पर्यवेक्षक अधिकारी था।



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