दाऊद इब्राहिम को इंडिविजुअल टेररिस्ट का टैग दे पाकिस्‍तान, नए बैन के बाद भारत बढ़ाएगा दबाव

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हाइलाइट्स:

  • FATF से ब्‍लैकलिस्‍ट होने से बचने के लिए पाकिस्‍तान का पैंतरा
  • आतंकी समूहों के 88 लोगों की लिस्‍ट निकाली, प्रतिबंध लगाएं
  • 1993 मुंबई बम धमाकों का आरोपी दाऊद इब्राहिम भी शामिल
  • 26/11 हमले के मास्‍टरमाइंड जकीउर रहमान लखवी का भी नाम

इस्‍लामाबाद
पाकिस्‍तान ने दुनिया की आंखों में धूल झोंकने के लिए फिर एक चाल चली है। फायनेंशियल ऐक्‍शन टास्‍क फोर्स (FATF) से बचने के लिए उसने आतंकी समूहों के सदस्‍यों और आकाओं की लिस्‍ट जारी की। इसमें 1993 मुंबई बम धमाकों के आरोपी दाऊद इब्राहिम और 26/11 के मास्‍टरमाइंड जकीउर रहमान लखवी का भी नाम है। एक तरह से पाकिस्‍तान ने पहली बार माना है कि दाऊद उसके यहां मौजूद है। मगर भारत चाहता है कि सिर्फ इतने से बात नहीं बनेंगे, पाकिस्‍तान ने खुद जो जानकारी सामने रखी है, उसके आधार पर भारत अब डिमांड करेगा कि दाऊद और लखवी को ‘इंडिविजुअल टेररिस्‍ट’ का टैग दिया जाए। पाकिस्‍तान के ऐंटी-टेरर ऐक्‍ट में इसका प्रावधान है।

सिर्फ ऐलान नहीं, ऐक्‍शन भी ले पाक : भारत
सूत्रों के अनुसार, लखवी और दाऊद के नाम पाकिस्‍तान ने अबतक किसी आध‍िकारिक दस्‍तावेज में शामिल नहीं किए थे। लखवी 26/11 हमलों का ‘ऑपरेशनल कमांडर’ था और उसे पहले भी पकड़ा जा चुका है। लेकिन पाकिस्‍तान की अदालतों में केस उलझ गया और उसे रिहा कर दिया गया। भारत ने साफ कर दिया कि अमेरिका और FATF के दबाव में हुए इस फैसले पर अमल करने की भी जरूरत है। अब इनकी धरपकड़ तेज होनी चाहिए और फंडिंग रुकनी चाहिए। भारत ने याद दिलाया कि लश्‍कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद समेत कई आतंकियों को नजरबंद तक किया गया था लेकिन इसके बावजूद वह भारत और बाकी जगह हमलों की योजना बनाते और उसे अंजाम देते रहे।

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‘भारत के लिए दाऊद का नाम काम का’
पाकिस्‍तान ने जो दस्‍तावेज जारी किया है, उसमें दाऊद का पता कराची का पता बताया गया है। भारत इस नई लिस्‍ट को ज्‍यादा भाव नहीं दे रहा। एक सूत्र ने कहा, “ताजा नोटिफिकेशन ज्‍यादा प्रासंगिक नहीं है अगर जमीन पर आतंकवाद के खिलाफ ऐक्‍शन नहीं लिया जाता। उन्‍होंने पहली बार माना है कि दाऊद का बेस कराची में है।” संयुक्‍त राष्‍ट्र की लिस्‍ट में भी दाऊद का यही पता लिखा है। दस्‍तावेज में दाऊद के कराची के भीतर तीन पते दिए गए हैं। 2015 और 2019 में भी इन्‍हीं पतों का जिक्र हुआ था।

दाऊद पर कुछ ही देर में पलट गया पाक
हालांकि पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय ने बाद में कहा कि यह नोटिफिकेशन ‘रूटीन मैटर’ है। उसने कहा कि ‘लिस्‍ट में जो नाम हैं उन्‍हें नैशनल काउंटर-टेररिज्‍म अथॉरिटी ने नहीं जारी किया है और पाकिस्‍तान के नए प्रतिबंध लगाने की रिपोर्ट्स गलत हैं।’ पाकिस्‍तान ने दाऊद के कराची में होने की बात को भी खारिज किया है। बयान में कहा गया, “जहां तक पाकिस्‍तान के कुछ लिस्‍टेड व्‍यक्तियों के उसकी जमीन पर होने की बात है, वह तथ्‍यहीन और भ्रमित करने वाली है।”

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लिस्‍ट में कौन-कौन से नाम?
जमात-उद-दावा, जैश-ए-मोहम्मद, तालिबान, दाएश, हक्कानी समूह, अलकायदा और अन्य की सभी चल और अचल संपत्तियों को जब्त करने और उनके बैंक खातों को सील करने के आदेश हैं। दाऊद, सईद और लखवी के अलावा लिस्‍ट में मुल्ला फजलुल्ला (उर्फ मुल्ला रेडियो), मुहम्मद यह्या मुजाहिद, अब्दुल हकीम मुराद, नूर वली महसूद, उजबेकिस्तान लिबरेशन मूवमेंट के फजल रहीम शाह, तालिबान नेताओं जलालुद्दीन हक्कानी, खलील अहमद हक्कानी, यह्या हक्कानी और उनके सहयोगियों का नाम है।

Dawood-Lakhvi

दाऊद और लखवी घोषित होंगे ‘इंडिविजुअल टेररिस्‍ट’?

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