चेतन चौहान के निधन पर राजनीति शुरू, शिवसेना ने की CBI जांच की मांग, कहा- मेदांता अस्पताल क्यों भेजा गया?

[ad_1]

चेतन चौहान के निधन पर राजनीति शुरू, शिवसेना ने की CBI जांच की मांग, कहा- मेदांता अस्पताल क्यों भेजा गया?

कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान का बीते 16 अगस्त को निधन हो गया था. (File Photo)

शिवसेना ने बयान में कहा है कि किन परिस्थितियों में संजय गांधी आर्युविज्ञान संस्थान लखनऊ से मंत्री चेतन चौहान को मेदांता अस्पताल गुरूग्राम (Medant Hospital Gurugram) भेजा गया. क्या सरकार को एसजीपीजीआई जैसे प्रतिष्ठित संस्थान पर भरोसा नहीं है.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश शिवसेना (Shiv Sena) ने सोमवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान (Minister Chetan Chauhan) की मौत की सीबीआई से जांच (CBI Inquiry) कराने की मांग की है. शिवसेना  की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इस संबंध में पार्टी के नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिला और उन्हें इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा.

बयान में कहा गया कि किन परिस्थितियों में संजय गांधी आर्युविज्ञान संस्थान लखनऊ से मंत्री चेतन चौहान को मेदांता अस्पताल गुरूग्राम भेजा गया. क्या सरकार को एसजीपीजीआई जैसे प्रतिष्ठित संस्थान पर भरोसा नहीं है. बयान में कहा गया है कि सरकार सोती रही और प्रदेश के दो मंत्रियों की मौत हो गयी. सरकार को इस मामले की सीबीआई जांच करानी चाहिये.

16 अगस्त को निधन हो गया था
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) में कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान का बीते 16 अगस्त को निधन हो गया था. उन्‍होंने गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल (Medanta Hospital) में आखिरी सांस ली थी. आपको बता दें कि चौहान की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें लखनऊ के पीजीआई से गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल (Medanta Hospital) में एडमिट कराया गया था. वह पिछले एक महीने से कोरोना संक्रमण (Corona Infection) से जूझ रहे थे. जबकि चौहान को करीब 36 घंटे से वेंटीलेटर पर रखा हुआ था, वह 73 वर्ष के थे. भारत के लिये 40 टेस्ट खेलने वाले चौहान के परिवार में पत्नी और बेटा विनायक है.12 जुलाई को मिले थे संक्रमित

गौरतलब है कि चेतन चौहान पिछले महीने की 12 तारीख को कोरोना संक्रमित पाए गए थे, तभी से उनका इलाज लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई अस्पताल में चल रहा था, लेकिन शनिवार को उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और फिर उन्‍हें गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था. हालांकि शनिवार को ही उनकी किडनी ने काम बंद कर दिया था और उन्‍हें वेंटिलेटर पर रखा गया था.

राजनीति में दिखी दमदार धमक
भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज चेतन चौहान ने क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद राजनीति में दमदार पारी खेली. वह दो बार लोकसभा सांसद (1991 और 1998) रहने के अलावा मौजूदा समय में उत्‍तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्‍मेदारी निभा रहे थे. चेतन चौहान अमरोहा जिले की नौगांवा विधानसभा के विधायक थे और फिलहाल योगी सरकार में सैनिक कल्याण, होम गार्ड, पीआरडी, नागरिक सुरक्षा विभाग के मंत्री की जिम्‍मेदारी निभा रहे थे.



[ad_2]

Source link

Tags:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *