काशी का अनोखा चित्रकार, आंखों में पीली पट्टी बांधकर कैनवस पर बनाते हैं सुंदर गणपति

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काशी का अनोखा चित्रकार, आंखों में पीली पट्टी बांधकर कैनवस पर बनाते हैं सुंदर गणपति

विजय आंखों में पट्टी बांधकर चिकारी करते हैं.

विजय कुमार ने बनारस (Banaras) में 26 घंटे और मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर (Siddhivinayak Temple Mumbai) में लगातार 51 घंटे भगवान गणेश का चित्र कैनवस में बनाया था. उनका नाम लिम्का बुक में भी दर्ज है. 

वाराणसी. वैसे तो धर्म नगरी वाराणसी (Varanasi) में कई ऐसे धार्मिक किस्से हैं जिसे देखकर आश्चर्यचकित होना लाजमी है. लेकिन खास बात यह है कि यह काल्पनिक नहीं बल्कि हकीकत होते हैं. गणेश चतुर्थी के मौके पर हम आपको ऐसी ही एक हकीकत से भरी कहानी बताने जा रहे हैं जो एक गणेश भक्त की है. इन्होंने अपनी गणेश (Ganesh Chaturthi 2020 ) भक्ति के कारण लिम्का बुक में भी अपना नाम दर्ज करा दिया है. खासियत ये है कि ये गणेश भक्त आंख बंद कर पूरे 51 घण्टे तक भगवान गणेश की चित्रकारी कैनवास पर उकेर सकता है. फिलहाल, इस कोरोना काल में ये हर दिन 108 गणेश चित्र बनाने का संकल्प लिए हैं वो भी आंखे बंद कर.

अपनी आंखों पर पीली पट्टी बांध कर गणेश चित्र बनाने वाले इस व्यक्ति का नाम विजय कुमार है. ये वाराणसी के अस्सी घाट पर रहते हैं. विजय को आंख बंद कर गणेश भगवान की चित्रकारी करने में महारथ हासिल है. इसके लिए बकायदा लिम्का बुक में भी उनका नाम दर्ज हो चुका है. इन्होंने आंख बंद करके 26 घंटे बनारस में और 51 घंटे मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में लगातार भगवान गणेश का चित्र कैनवस पर उकेरी थी. इस वजह से इनका नाम लिम्का बुक में भी दर्ज किया गया.

आंखे बंद कर बनाएंगे 108 चित्र

अब एक बार फिर से विजय ने वही संकल्प लिया है जिसके कारण उनका लिम्का बुक में नाम दर्ज हुआ. कोरोना काल में पड़े इस गणेश चतुर्थी के उत्सव पर पूरे पर्व तक विजय भगवान गणेश का चित्र कैनवस पर उकेरा करेंगे. हर दिन आंख बंद करके वे 108 भगवान गणेश के चित्र कैनवस पर उकेरेंगे. यह कर्म पूरे गणेश उत्सव तक जारी रहेगा.ये भी पढ़ें: COVID-19 से जान गंवाने वाले चेतान चौहान के साथ अस्पताल में हुआ कैसा बर्ताव? सुनील साजन ने बताया पूरा किस्सा

विजय का कहना है कि इस गणेश चतुर्थी में यह संकल्प मैंने इसलिए लिया है ताकि बप्पा जल्द से जल्द इस वायरस से मुक्ति दिलाएं. विजय कहते हैं कि भगवान गणेश उनके मन में बस चुके हैं, इसलिए आंख बंद भी करता हुं तो उनका प्रतिरूप आंखों में बस जाता है और बड़े ही आराम से मैं उसे कैनवास पर उकेर लेता हूं. विजय हर साल गणेश चतुर्थी पर अपनी भक्ति को कुछ इसी तरह भगवान गणेश को अर्पित करते हैं ,लेकिन इस बार विजय ने ये संकल्प महामारी खत्म करने के लिए लिया है.



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