कश्मीर में आतंकवाद की टूटी कमर, कमांडरों का सफाया, गिनती के बचे दहशतगर्द

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हाइलाइट्स:

  • कश्मीर में आतंकवाद इस समय बिना लीडरशिप के चल रहा है
  • अधिकतर आतंकी कमांडरों को कश्मीर में मार गिराया गया है
  • 6 टॉप कमांडरों कश्मीर में मार गिराया गया है
  • सुरक्षाबलों को कश्मीर में लगातार कामयाबी मिल रही है

गोविंद चौहान, श्रीनगर
कश्मीर में आतंकवाद इस समय बिना लीडरशिप के चल रहा है। क्योंकि अधिकतर आतंकी कमांडरों को कश्मीर में मार गिराया गया है। रियाय नायकू के मरने के बाद जिन कमांडरों को कमान दी गई। उनका खात्मा हो गया। लश्कर संगठन का भी यही हाल है। सज्जाद हैदर के मारे जाने के बाद नासिर को कमान दी जानी थी। लेकिन उसे भी इसी सप्ताह मार दिया गया। इस समय हिजबुल तथा लश्कर के पास कमांडरों की कमी है। जैश के पास बचे हुए कमांडर है। जिनके लिए सेना की तरफ से ऑपरेशन जारी हैं। इस साल पुलिस की तरफ से 12 टॉप कमांडरों की सूची जारी की गई थी। जिसमें आधे मार गिराए गए हैं। इसमें रियाय नायकू, सज्जाद हैदर, नासिर, उस्मान, यासिर कारी, फौजी भाई तथा वालिद शामिल थे।

आईजी कश्मीर विजय कुमार का कहना है कि इस समय कश्मीर में आतंकवाद की कमर टूट चुकी है। उनके पास संगठनों को चलाने के लिए लीडर तक नहीं है। सुरक्षाबलों को कश्मीर में लगातार कामयाबी मिल रही है। बचे हुए कमांडरों को भी जल्द मार गिराया जाएगा।

जानकारी के अनुसार कश्मीर में लश्कर, जैश, हिजबुल, एजीएच, अल बदर के आतंकी सक्रिय है। पुलिस के अनुसार पूरे कश्मीर में इनकी गिनती करीब 195 है जोकि कम तथा बढ़ती रहती है। कुछ आतंकी मारे जाते है तो कुछ युवाओं को आतंकवाद गुमराह करके आतंकवाद के रास्ते पर ले आते हैं। लेकिन इन आतंकी संगठनों के पास कमांडरों की कमी दिखने लगी है। जिसके बाद आतंकी संगठनों की तरफ से एक बैनर तले काम करना शुरु कर दिया गया है।

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उत्तरी कश्मीर में 50 आतंकी सक्रीय
कश्मीर में आतंकी संगठनों की तरफ से एक बैनर तले काम करके हमले किए जाने लगे हैं। जिससे की बचे हुए आतंकियों को बचाया जा सके। सूत्रों के मुताबिक पाक में बैठे बड़े कमांडरों के इशारे पर काम करना इसलिए शुरु किया गया है। ताकि कमांडरों की कमी को पूरा किया जा सके। पुलिस केअनुसार उत्तरी कश्मीर में इस समय करीब 50 आतंकी सक्रिय है। जिसमें लश्कर का सलीम परे जाकि स्थानीय आतंकी है वह टॉप कमांडर है। उसके लिए कई दिनों से सूचनाओं पर काम किया जा रहा है। ताकि उसे मार गिराया जा सके। उसके मारे जाने के बाद उतर कश्मीर में कोई बडा कमांडर नहीं बचेगा।

एक बैनर तले कैसे करते है काम
पाक में बैठक कमांडरों के इशारे पर आतंकी एक वैनर तले काम करते है। इससे हर ग्रुप के आतंकी बैठक करते है। उसके बाद हमलों को प्लान किया जाता है। इस तरह से सभी ग्रुप अपने आप को सयुक्त रखते है। कश्मीर में पिछले दो तीन हमले इसी वैनर तले किए गए है।

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घुसपैठ ना होने के कारण कमांडरों की कमी
सीमा पार से कामयाब घुसपैठ ना होने के कारण कमांडरों की कमी आ गई है। क्योंकि सीमा पार से पाकिस्तानी आतंकी नहीं आ रहे है। जिससे की इस तरफ अब कमान स्थानीय आतंकियों के हाथों में रह गई है। अगर सीमा पार से आतंकी आते थे तो फिर उन्हें ग्रुपों की कमान दी जाती थी। फिर वह पाक के इशारे पर कश्मीर में आतंक संगठनों को चलाते थे।

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