उपराज्यपाल नियुक्त होने के बाद श्रीनगर पहुंचे मनोज सिन्हा, एयरपोर्ट पर दी गई सलामी

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Edited By Nilesh Mishra | एएनआई | Updated:

एयरपोर्ट पर हुआ मनोज सिन्हा का स्वागतएयरपोर्ट पर हुआ मनोज सिन्हा का स्वागत
हाइलाइट्स

  • जम्मू-कश्मीर का उपराज्यपाल नियुक्त होने के बाद श्रीनगर पहुंचे मनोज सिन्हा
  • श्रीनगर एयरपोर्ट पर वरिष्ठ अधिकारियों ने किया नवनियुक्त उपराज्यपाल का स्वागत
  • उपराज्यपाल जीसी मुर्मू के इस्तीफे के बाद नियुक्त किए गए हैं मनोज सिन्हा

श्रीनगर

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। गाजीपुर के पूर्व सासंद रहे मनोज सिन्हा कार्यभार संभालने के लिए गुरुवार को श्रीनगर पहुंच गए। श्रीनगर एयरपोर्ट पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों ने उन्हें सलामी दी। इससे पहले जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मु ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया और उन्हें देश का नया सीएजी नियुक्त किया गया है।

पिछले साल 31 अक्टूबर 2019 को पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य के दो केंद्रशासित प्रदेशों- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के तौर पर विभाजन के वजूद में आने के बाद जीसी मुर्मु नए जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के पहले उपराज्यपाल बने थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की जगह ली थी।

शुक्रवार को शपथ ले सकते हैं मनोज सिन्हा

अब बीजेपी के कद्दावर नेता मनोज सिन्हा यह जिम्मेदारी संभालेंगे। 2014 से 2019 तक की मोदी सरकार में रेल राज्यमंत्री रहे मनोज सिन्हा 2019 के लोकसभा चुनाव में हार गए थे। मुख्य सचिव बी वी आर सुब्रमण्यम और पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने हवाई अड्डे पर मनोज सिन्हा का स्वागत किया। अधिकारियों ने कहा कि हवाई अड्डे से मनोज सिन्हा सीधे राज भवन गए। उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर के दूसरे उपराज्यपाल के रूप में मनोज सिन्हा शुक्रवार को शपथ ले सकते हैं।

2017 में यूपी सीएम की रेस में थे मनोज सिन्हा, जानें अब तक का सफर

कभी यूपी के सीएम पद की रेस में थे मनोज सिन्हा

मनोज सिन्हा 2017 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल थे। उनका यूपी का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा था। मनोज सिन्हा का जन्म 1 जुलाई 1959 को गाजीपुर के मोहनपुरा इलाके में हुआ था। उन्होंने वाराणसी के बीएचयू आईआईटी से 1982 में सिविल स्ट्रीम में बीटेक और एमटेक किया। बीएचयू में पढ़ने के दौरान वह विद्यार्थी संघ के अध्यक्ष भी थे। 1989-96 में वह राष्ट्रीय परिषद के सदस्य रहे।

2019 में हार गए थे चुनाव

1996 में मनोज सिन्हा पहली बार 11वीं लोक सभा के लिए निर्वाचित हुए। 1999 से 2000 तक वह योजना तथा वास्तुशिल्प विद्यापीठ की महापरिषद के सदस्य रहे तथा शासकीय आश्वासन समिति तथा ऊर्जा समिति के सदस्य भी रहे। 2014 में वह 16 वीं लोक सभा (तीसरा सत्र) के लिए उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हुए। केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्‍हा 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में एसपी-बीएसपी गठबंधन के प्रत्‍याशी अफजाल अंसारी से 1,19,392 वोटों से हार गए।

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