अयोध्या का राम मंदिर होगा नागर स्टाइल, 161 फीट होगी ऊंचाई



अयोध्या
अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बनाए जाने की तैयारियां चल रही हैं। रामलला के मंदिर के लिए डिजाइन में बदलाव किया गया है। यह मंदिर नागर शैली में बनाया जाएगा। मंदिर में अब 5 मंडप वाला गुंबद और एक शिखर होगा। मंदिर की ऊंचाई 161 फीट की होगी।

आर्किटेक्ट प्रॉजेक्ट के अनुसार मंदिर को बनकर तैयार होने में तीन से साढ़े तीन साल का समय लगेगा। मंदिर तीन मंजिला होगा और यह वास्तुशास्त्र के हिसाब से बनाया जाएगा। मंदिर की एक डिजाइन पर 1990 में काम हुआ था। जिस मंदिर का डिजाइन तैयार किया गया था वह दो मंजिला था। उस मंदिर में तीन मंडप और शिखर था। मंदिर की ऊंचाई 141 फीट ऊंची थी।

पहले डिजाइन में थे तीन मंडप, अब हैं पांच
अहमदाबाद के रहे वाले प्रॉजेक्ट के मुख्य आर्किटेक्ट चंद्रकांतभाई सोमपुरा के बेटे आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा ने बताया, ‘मंदिर की जो वास्तविक डिजाइन थी, उसमें तीन मंडप थे। तीन मंडप में गर्भगृह, कुडू मंडप और नृत्य मंडप थे। इनमें मंदिर के अगले हिस्से में दो मंडप दोनों तरफ और बढ़ाए गए हैं। दो बढ़ाए गए मंडप कीर्तन मंडप और प्रार्थना मंडप होगा।’

बढ़ाई गई मंदिर की ऊंचाई
मंदिर के फ्लोर बढ़ाकर इसकी ऊंचाई बढ़ाई गई है। मंदिर की सुंदरता को देखते हुए उसकी ऊंचाई और चौड़ाई बढ़ाई गई है। वास्तविक डिजाइन में पहले 212 कॉलम थे। इसे बढ़ाकर अब 360 कॉलम का किया गया है। आशीष ने बताया कि पुराने समय में नृत्य और रंग मंडप देवदासियों के नृत्य के लिए प्रयोग किए जाते थे। अब यह जगह भगवान राम के तीन ओर से दर्शन के लिए प्रयोग होती है।

आर्किटेक्ट के पिता ने बताया था सोमनाथ मंदिर का डिजाइन
चीफ आर्किटेक्ट चंद्रकांतभाई सोमपुरा ने बताया कि उनके पिता प्रभाकरजी सोमपुरा ने भगवान सोमनाथ के मंदिर का डिजाइन बनाया था। यह मंदिर भी वास्तुशास्त्र के अनुसार बना है। उन्होंने बताया, ‘मेरे पिता ने वास्तु कलानिधी और आने वाली पीढ़ि के लिए, जो आर्ट और डिजाइन में काम करना चाहती हैं उनके लिए कई किताबें लिखीं हैं।’

छोटी-छोटी बातों का रखा गया ध्यान
आशीष ने बताया, ‘ का डिजाइन नागर स्टाइल का है। इसे शिल्प शास्त्र को दिमाग में रखकर बनाया गया है। प्रत्येक गणना बहुत विशेष हैं। उदाहरण के तौर पर, कोई भी आयाम गर्भगृह से बड़ा नहीं हो सकता है, गर्भगृह का मुख किस तरह होना चाहिए, जैसे बातों को भी ध्यान में रखा गया’

50 फीसदी हिस्सा पहले मंदिर की डिजाइन जैसा
उन्होंने बताया कि मंदिर को बनकर तैयार होने में कम से कम तीन साल का समय लगेगा। मंदिर का 50 फीसदी हिस्सा पहले से तैयार वास्तविक डिजाइन का ही है। मंदिर की 106 कॉलम वाली दीवारें, गर्भगृह और मार्बल की चौखट वैसी ही रखी गई है लेकिन मंदिर अब मंदिर का डिजाइन पहले से ज्यादा विशाल है।

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