अगस्त क्रांति के बहाने 2022 की तैयारी, अखिलेश यादव ने दिया ’22 में बाइसिकल’ का नारा

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akhilesh yadav 22 me bicycle: 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए अखिलेश यादव ने 22 में बाइसकिल का संदेश दिया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के लक्ष्य को ‘अगस्त क्रांति’ की भावना से जोड़ा है।

भाषा | Updated:

2022 में फिर से साइकल के भरोसे होंगे अखिलेश यादव2022 में फिर से साइकल के भरोसे होंगे अखिलेश यादव
हाइलाइट्स

  • 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए अखिलेश यादव ने दिया ’22 में बाइसिकल’ का नारा
  • अगस्त क्रांति के माध्यम से अखिलेश ने पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए दिया संदेश
  • अखिलेश ने कहा कि 2022 में सरकार बनाकर पूरा करेेंगे शहीदों का सपना

लखनऊ

साल 2012 में मुख्यमंत्री बनने से पहले अखिलेश यादव ने जमकर साइकल चलाई थी। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भी समाजवादी पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ‘अगस्त क्रांति’ की भावना को आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के लक्ष्यों से जोड़ते हुए रविवार को अपने सभी कार्यकर्ताओं के लिए ‘बाइस में बाइसिकल‘ का संदेश जारी किया।

अखिलेश ने 12 पन्ने के अपने संदेश में कहा है कि 1942 की अगस्त क्रांति की अवधारणा के आधार पर वर्ष 2022 में एसपी की सरकार बनने पर वैचारिक आंदोलन के जरिए स्वतंत्रता संग्राम के सपनों को साकार करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अगर मानवता को पूंजी और सत्ता की हिंसा से मुक्ति दिलानी है, तो समाजवाद का सपना देखना होगा। वर्ष 2022 में हमें अपनी तैयारियों को लेकर कोई कसर बाकी नहीं रखनी है। 2022 में ‘समाजवादी सरकार का काम जनता के नाम’ का उद्घोष रहेगा।

‘शहीदों के सपने साकार करने की जिम्मेदारी समाजवादी पार्टी की’

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि अगस्त क्रांति के शहीदों का सपना देश में किसान, मजदूर और युवाओं का राज स्थापित करना था। इस सपने को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी एसपी की है। जिस तरह समाजवादियों ने अगस्त क्रांति और जेपी आंदोलन के दौरान अग्रणी भूमिका निभाई थी, उसी तरह आज भी समाजवादी लोग एकजुट होकर संवैधानिक मूल्यों को बचाने और उन्हें बहाल करने की भूमिका निभाएंगे। अखिलेश के इस संदेश को वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए इसका नाम ‘बाइस में बाइसिकल’ रखा गया है। बाइसिकल (साइकिल) एसपी का चुनाव निशान है। उन्होंने संदेश में कहा कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल के दौरान सत्ता के दुरुपयोग का दौर शुरू होने और लोकतंत्र विरोधी निर्णय के खिलाफ जनता के आक्रोश के इतिहास से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कोई सबक नहीं सीखा है। सत्ता में आने पर इस पार्टी ने जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में संपूर्ण क्रांति से उपजे मुद्दों की भी अनदेखी कर दी है।

अखिलेश ने कहा कि बीजेपी ने विनाशकारी रास्ता अपना लिया है और लोकतंत्र की आवाज को अनसुना कर दिया। सत्ता पर एक अधिकारी मानसिकता बीजेपी में कूट-कूट कर भरी हुई है। आज विचारधाराओं में टकराव है। एक तरफ लोकतंत्र है तो दूसरी तरफ खुद को सबसे ऊपर दिखाने की एकाधिकारवादी मानसिकता। हमें तय करना होगा कि किधर जाना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने केंद्र और राज्यों में सरकारें चलाई हैं और दोनों ने ही संविधान की मूल भावना को ठेस पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इनके कारण संवैधानिक संस्थाओं में जन विश्वास को खतरा पैदा हुआ है।



‘मनोबल तोड़ नहीं सकती है बीजेपी’


एसपी अध्यक्ष अखिलेश ने सांसद आजम खां का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार एसपी नेताओं को अपमानित करने और झूठे मुकदमों में फंसाकर समझती है कि इससे एसपी का मनोबल तोड़ा जा सकता है लेकिन यह उसकी खाम ख्याली है। अखिलेश ने बताया कि कोरोना वायरस की महामारी के मद्देनजर उन्होंने यह संदेश पार्टी राज्यसभा सदस्य जया बच्चन और रामगोपाल यादव को डिजिटल माध्यम से भेजा है। इसे प्रदेश में एसपी के सभी विधायकों, सांसदों, जिला इकाइयों और जमीनी स्तर पर बूथ इकाइयों तक के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं तक डिजिटल माध्यम से यह संदेश पहुंचाया जाएगा।

Web Title akhilesh yadav give message of 2022 me bicycle for upcoming assembly elections(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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